झारखंड में खाद्यान्न का 1.13लाख टन स्टॉक-केंद्र

नथवाणी के सवाल पर दिया जवाब
रांची,8अगस्त।देश के केन्द्रीय पूल में खाद्यान्नों का पर्याप्त स्टॉक है। भारतीय खाद्य निगम व राज्य की एजेन्सियों के बने केन्द्रीय पूल में करीब 2.68 करोड़ टन चावल और 3.71 करोड़ टन गेहूं के साथ कुल 6.40 करोड़ टन का स्टॉक जुलाई 2011 की स्थिति था जो कि किसी भी आकस्मिकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। आज राज्य सभा में सांसद परिमल नथवाणी के एक प्रश्न के उत्तर में केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में स्वतंत्र प्रभारी राज्य मंत्री प्रो॰के॰वी॰ थामस ने यह जानकारी दी।
सदन के पटल पर इस उत्तर के अनुबन्ध में दिये गए ब्यौरे के मुताबिक पंजाब में सर्वाधिक 2.23 करोड़ टन और अरूणाचल प्रदेश में सबसे कम केवल चार हजार टन खाद्यान्न का स्टॉक केन्द्रीय पूल के अंतर्गत है। झारखंड में यह स्टॉक 1.13 लाख टन है तो गुजरात में 7.51 लाख टन। मंत्री जी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में एवं इस वर्ष भी चावल और गेहूं की रिकार्ड खरीदारी होने के परिणाम स्वरूप खाद्यान्न के भंडारण में अंतर पैदा हुआ है। सरकार ने निजी उद्यमियों, केन्द्र और राज्य भंडारण निगमों के जरिये भंडारण क्षमता बढ़ाने की एक स्कीम तैयार की है जिसके अंतर्गत देश के 19 राज्यों में करीब 1.52 करोड़ टन क्षमता सृजित की जाएगी।
इसी विषय पर नथवाणी के एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री महोदय ने बताया कि 11वीं पंचवर्षीय योजना में भंडारण गोदामों का निर्माण करने के लिए भारतीय खाद्य निगम के लिए रू॰ 154.82 करोड़ का आवंटन किया गया है जिसके परिणाम स्वरूप 1.2 लाख टन क्षमता का निर्माण होने की संभावना है। आपने कहा कि सरकार ढ़के हुए भंडारण स्थान की कमी का सामना कर रही है इसलिए ’कवर और प्लिंथ (कैप)’ में भी भंडारण किया जाता है।
मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने हाल ही में प्राइवेट खाते पर दस लाख टन गैर बासमती चावल के निर्यात की अनुमति दी है लेकिन यह निर्यात प्राइवेट खाते पर होने से केन्द्रीय पूल के स्टाक पर इसका कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा हालांकि चावल की कुछ मात्रा जौ वैसे भी सरकारी स्टॉक में आनेवाली थी उसके निर्यात के निर्णय के कारण भंडारण की समस्या उस हद तक कम हो जाएगी।

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