बालू घाटों की बंदोबस्ती को लेकर झाविमो का प्रदर्शन

पुतला दहन,सरकार के खिलाफ नारेबाजी
20140822_113831_resizedरांची,22अगस्त। झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) कार्यकर्त्ताओं ने राजधानी रांची समेत राज्य भर के विभिन्न हिस्सों में बालू घाटों की अवैध बंदोबस्ती के खिलाफ आज राजधानी रांची में प्रदर्शन किया और सरकार का पुतला फूंका।
झाविमो कार्यकर्त्ताओं ने आज शहर के प्रमुख मार्गाें में जुलूस निकाला और अल्बर्ट एक्का चौक के निकट हेमंत सोरेन सरकार का पुतला फूंका। प्रदर्शन का नेतृत्व झाविमो के केंद्रीय महासचिव राजीव रंजन प्रसाद और महानगर अध्यक्ष राजीव रंजन मिश्रा मौजूद थे। इस मौके पर पत्र्ाकारों से बातचीत करते हुए राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि बालू घाटों की अवैध बंदोबस्ती की गयी है और झामुमो नेताओं-कार्यकर्त्ताओं के संरक्षण में जबरन वसूली की जा रही है। उन्होंने बताया कि बालू घाटों पर हजारों परिवार निर्भर है, लेकिन बालू संकट के कारण इन परिवारों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है।

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झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक के अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन पर लौह अयस्क के रायल्टी में वृद्धि किये जाने की घोषणा पर कहा कि इससे राज्य को कोई लाभ नहीं होने की उम्मीद नहीं है। श्री मरांडी आज दुमका के आउटडोर स्टेडियम में आयोजित संतालपरगना प्रमंडल स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा प्रधानमंत्री ने झारखंड के पहले दौरे में कोयला ओर में 10 से 15 प्रतिशत का वृद्धि करने की घोशणा से राज्य के विकास की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इस दौरे में झारखंड के विस्थापितों के पुर्नवास के लिए यदि एक हजार करोड़ या 15 सौ करोड़ रुपये की राशि महुैया कराने का एलान किया जाता तो विभिन्न परियोजना के कारण राज्य के विस्थापित करीब 25 हजार परिवारों के पुनर्वास का मार्ग प्र ास्त होता।

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