बाबूलाल मरांडी ने केंद्र की मोदी सरकार पर साधा निशाना

 

कहा-मोदी के नुमाइंदे बताए, कामकाज को आंकने की लिहाज से 100 दिन का वक्त पर्याप्त है या नहीं
रांची,26अगस्त। झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नुमाइंदगी में कसीदे पढ़ने वाले लोग बड़े गर्व से कहते फिर रहे हैं कि यूपीए सरकार के 60वर्ष के शासनकाल के मुकाबले 3महीने की सरकार के कामकाज की तुलना मुनासिब नहीं है। विकास कार्य और किसी भी सरकार के कामकाज को आंकने के लिहाज से 100 दिन नाकाफी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्र्ी और केंद्र सरकार के हाथ में कई ऐसे फैसले हैं, जिसे करने में उन्हें मिनट भी नहीं लगेगा और उन फैसलों से राज्यों को सीधा फायदा होगा। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ये वैसे फैसले हैं, जिनमें राज्य सरकार की सहमति या असहमति की न तो बात आड़े आएगी और न ही बोर्ड-कमेटी गठन करने की जरुरत होगी। उन्होंने कहा कि झारखंड के संदर्भ में बात की जाए, तो केंद्रीय विश्वविद्य्नालय और आईआईएम का उदाहरण लिया जा सकता है। केंद्रीय विश्वविद्य्नालय में कुलपति का पद लगभग छह महीने से रिक्त पड़ा है। देश की प्रतिष्ठित संस्थान में शुमार आईआईएम झारखंड निदेशक विहीन है। इसका असर संस्थान के सिस्टम पर पड़ना लाजिमी है। उन्होंने कहा कि अब यहां अहम सवाल है कि क्या ऐसे फैसलों के लिए भी प्रधानमंत्र्ी को पांच साल का वक्त चाहिए। उन्होंने कहा कि दरअसल यह इस बात पर निर्भर करता है कि संबंधित प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार की नजर में झारखंड राज्य प्राथमिकता के किस पैमाने पर है, वे झारखंड के प्रति कितने संवेदनशील है,क्या ऐसे फैसलों के लिए 100 दिन का वक्त पर्याप्त नहीं है?

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