सरकारी कर्मी मानवता के लिए एक दिन का वेतन देंःसीएम

40हजार कंबल व राहत सामग्री जम्मू-कश्मीर रवाना
रांची,15सितंबर। झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जम्मू एवं कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री के रुप में 40 हजार कम्बल भरी तीन ट्रकों को समाहरणालय रॉची परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्य मंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में जो त्रासदी आयी है इससे निबटने के लिए झारखण्ड सरकार भी अपनी भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में जो स्थिति बनी है वह देश दुनिया को मालूम है। उन्होंने कहा कि यह एक दर्दनाक हादसा कहा जा सकता है, ऐसी स्थिति में हम सभी को अहम भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी प्राकृतिक आपदा कहीं भी हो सकती है, देश के एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते एक दूसरे की मदद करें। पूरी झारखण्ड सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 5 करोड़ रुपये भी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। अभी रात में वहॉ अत्यधिक ठंड पड़ रही है। इसे देखते हुए सरकार द्वारा 40 हजार कम्बल भेजे जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त झामुमो पार्टी की ओर से भी 5 हजार कम्बल दिया जा रहा है। इस अवसर पर सभी लोगों से सहयोग करने की अपील की। उन्होनें कहा कि सरकारी कर्मी मानवता के लिए एक दिन का वेतन दें, यह प्रक्रिया प्रारंभ है। यह पहला खेप है। इसके साथ कम्बल, खाने की सामग्री, जो भी हो सके, क्षमतानुसार सहयोग करें और आपदा से जूझ रहे लोगों को राहत पहुॅचाने में मदद करें। इस अवसर पर रॉची जिला के उपायुक्त विनय कुमार चौबे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

राहत दल ने जम्मू-कश्मीर में फंसे 26लोगों को सुरक्षित निकाला
कल 59 निवासियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा था
रांची,15सितंबर। झारखंड के श्रमायुक्त डॉ0 मनीष रंजन के नेतृत्व में राज्य से जम्मूकश्मीर भेजे गये राहत दल के द्वारा आज राज्य के 26 कामगारों एवं नागरिकों जो जम्मूकश्मीर राज्य में आयी बाढ़ के कारण श्रीनगर एवं अन्य स्थानों में फंसे थे तथा जो झारखण्ड वापस आना चाहते थे, उन्हें सुरक्षित दिल्ली भेजा गया। इसके पहले राहत दल के द्वारा रविवार को कुल 59 निवासियों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित पहुँचाने की कार्रवाई की गयी थी। इस प्रकार अब तक कुल 85 निवासियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया जा चुका है तथा उन्हें आवश्यकतानुसार वायुमार्ग तथा रेलमार्ग से झारखण्ड राज्य में वापस लाने की कार्रवाई कर रही है। राहत दल के सदस्यों द्वारा बताया गया है कि श्रीनगर में राहत दल बहुत ही विषम परिस्थितियों में कार्य कर रहा है। सेना, सी0आर0पी0एफ0 एवं अन्य सहभागियों से समन्वय स्थापित कर झारखण्डवासियों की पहचान के लिए हर संभव आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

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