11,972.88करोड़ की चार परियोजनाओं पर नीति आयोग लेगा फैसला

सीएम ने नई राजधानी, नमामि गंगे, स्मार्ट ग्राम व हरित क्रांति प्रसार योजना के प्रस्ताव को आयोग के समक्ष भेजने का दिया निर्देश
रांची,30सितंबर।मुख्यमंत्र्ाी श्री रघुवर दास ने राज्य को ॰ष्टि में रखकर समेकित विकास के मद्देनजर चार विशेष परियोजनाओं का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए नीति आयोग को भेजे जाने पर अपनी सहमति दी है। उन्होंने स्मार्ट ग्राम परियोजना, राज्य में हरित क्रांति के प्रसार, नमामि गंगे परियोजना के अन्तर्गत दामोदर नदी को प्रदूषण मुक्त करने की परियोजना सहित नई राजधानी की परियोजना का प्रस्ताव शीघ्र नीति आयोग को भेजे जाने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया है। ज्ञातव्य है कि इस संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नीति आयोग के सदस्य विवेक देबरॉय के साथ सम्पन्न हुई बैठक में विचारोपरांत इन योजनाओं की प्राथमिकता तय की गई थी। इन प्रस्तावित योजनाओं की कुल अनुमानित लागत 11,972.88 करोड़ रु0 है।
झारखण्ड में हरित क्रांति के प्रसार के अन्तर्गत कुल 355750 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता का पुनर्निमाण किया जाना है, जिससे राज्य में कृषि प्रक्षेत्र्ा को बढ़ावा मिलेगा। सिंचाई क्षमता के पुनर्निमाण पर प्रस्तावित अनुमानित लागत 5336.25 करोड़ रु0 है। इसी प्रकार स्मार्ट फार्मिंग के अन्तर्गत 48 करोड़ रु0 की अनुमानित लागत से 480 सोलर पम्प सेटों से गैर सिंचित इलाकों में कुल 4320 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई क्षमता विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। पुनः समेकित डेयरी फार्मिंग सह प्रत्यक्षण केन्द्रों के द्वारा वैकल्पिक कृषि कार्यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 328.33 करोड़ रु0 की लागत से पशुपालन का विकास प्रस्तावित है।
वहीं ग्रामीण विकास विभाग की स्मार्ट ग्राम परियोजना के अन्तर्गत वर्ष 2015-16 से वर्ष 2019-20 (पाँच वर्षों) के बीच 525 करोड़ रु0 की प्रस्तावित योजना के अन्तर्गत मुख्यतः सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, स्थानीय प्रशासन, मानव संसाधन विकास, कृषि एवं सम्बद्ध विकास, पर्यावरण सुधार सहित वाई-फाई कनेक्टिविटि जैसे अवयव शामिल हैं।
जबकि नमामि गंगे परियोजना के अन्तर्गत 1640 करोड़ रु0 की अनुमानित लागत से दामोदर नदी को प्रदूषण मुक्त करने की परियोजना है। इसके तहत 1500 करोड़ रु0 की लागत से धनबाद, रामगढ़ एवं फुसरो में सिवेज नेटवर्क तथा ट्रीटमेंट प्लांट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावे 140 करोड़ रु0 की लागत से पी0टी0पी0एस0, टी0टी0पी0एस0, सी0टी0पी0एस0 एवं बी0एस0एल0 के द्वारा उत्सर्जित किए जानेवाले प्रदूषित जल के ट्रीटमेंट का प्रावधान किया गया है।
नीति आयोग को भेजे गए प्रस्ताव में राज्य में बढ़ते शहरीकरण की प्रवृत्ति के मद्देनजर जी0आर0डी0ए0 के अन्तर्गत झारखण्ड की राजधानी रांची में 4095.30 करोड़ की अनुमानित लागत से नई राजधानी का निर्माण भी शामिल है। नए राज्य के सृजन के उपरांत रांची में बढ़ती जनसंख्या के दबाव को देखते हुए वर्ष 2015-16 से लेकर 2020-21 (छः वर्षों) में रांची की नई राजधानी परियोजना को पूरा किया जाना है।

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