झारखंड के फैसले को अन्य राज्यों में लागू करने की पहल करेगा पीएमओ

रांची,28नवंबर। झारखंड में हुए प्रशासनिक सुधार और लिये गये अन्य फैसलों से जो पूरे देश व विश्वस्तर पर जो झारखंड का सम्मान बढ़ा। उसको लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रसन्नता व्यक्त की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्य सचिव को झारखण्ड सरकार द्वारा आधारभूत संरचना, कौशल विकास, शहरी विकास और अक्षय उर्जा से लेकर प्रशासनिक सुधार में किये गये आमूल चूल परिवर्तन की जमकर प्रशंसा की है और अन्य राज्य को भी इसका अनुशरण करने की सलाह दी है। प्रधानमंत्री कार्यालय का मानना है कि झारखंड में लिये गये इन विशेष प्रकार के फैसलों को नीति आयोग के माध्यम से अन्य राज्यों में भी पहुंचाया जाय ताकि इसका लाभ अन्य राज्य भी उठा सकें। प्रशासनिक सुधार और त्वरित निर्णय लेने के लिए विभागों में की गयी कमी की सराहना की गयी। यह जानकारी राज्य के मुख्य सचिव राजीव गौबा ने दी है। विदित हो कि पूर्व में झारखंड में 43 विभाग थे, जिसे घटाकर 31 किया गया। जरुरत और प्रशासकीय सुविधाओं को देखते हुए किसी विभागों को पुनर्गठित किया गया तो किसी का विलय, ताकि सामान्य लोगों को कार्य में किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो।।
इस प्रकार के सुधार में यह ध्यान दिया गया कि योजनाओं, आवंटन और धन के सही इस्तेमाल और मंजूरी के महत्वपूर्ण क्षेत्र में निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आये, न कि जटिलताओं का सामना करना पड़े। यहीं नहीं विकास और उच्च शिक्षा को देखते हुए, पूर्व में जो प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा मिलाकर मानव संसाधन विकास था, उसे बांटा गया, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा को एक किया गया, जिसका लाभ राज्य की जनता को मिल रहा है। आज हम उच्च और तकनीक शिक्षा में अभूतपूर्व निर्णय लेने को स्वतंत्र है।
यहीं नहीं विभागों को कैसे जोड़ा गया, उसकी बानगी देख…प्रधानमंत्री कार्यालय प्रशंसा करते नहीं थका। प्रशासनिक सुधार के लिए सूचना प्रौद्योगिकी-ई गवर्नेंस को एक साथ किया गया। सोशल मीडिया के महत्व को देखते हुए सामाजिक मीडिया को जनंसपर्क से जोड़ा गया। यहीं नहीं जलवायु की महत्ता को देखते हुए जलवायु परिवर्तन को वन एवं पर्यावरण विभाग से जोड़ा गया।
झारखंड को इस बात के लिए भी सराहना मिली कि सलाहकार के रुप में टेक्नोक्रेट की लेटरल एंट्री सितम्बर में झारखंड सरकार ने की। वास्तव में इस प्रकार की सोच झारखंड मॉडल को अनूठा बना दिया। मुख्य सचिव श्री गौबा ने कहा कि आज हम खोज और चयन समिति क्षेत्र के विशेषज्ञों के रुप में मान्यता प्राप्त व्यक्तियों की पहचान करने और सरकार में शामिल होने के लिए उन्हें अनुरोध करने और एक मानव कंसल्टेंसी एजेंसी द्वारा सहायता प्राप्त करने की बात की है, जिसके लिए सलाहकार द्वारा काम का वार्षिक मूल्यांकण भी किया जायेगा। मुख्य सचिव ने इस उपलब्धि पर राज्य के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद दिया तथा आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इसी उत्साह, समर्पण एवं टीम वर्क से कार्य कर राज्य का मान बढ़ायेंगें।

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