वायदे को पूरा किया,एटीआर पेश करेंगेःसीएम

एक वर्ष के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जारी किया,कहा-उम्मीदों का उजियारा हुआ, विकास की बुनियाद रखी गयी

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रांची,28दिसंबर। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि राज्य सरकार की ओर से विधानसभा के बजट सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2015-16 के पेश किये गये बजट में जो भी वायदे किये गये, उसे पूरा किया गया और इस संबंध में वर्ष 2016-17 के बजट के पूर्व सदन के पटल पर सरकार एटीआर पेश करेगी। मुख्यमंत्री ने आज रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में अपने एक वर्ष के कार्यकाल को लेकर रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए बताया कि पूर्व में झारखंड के विकास को लेकर जो नकारात्मक संदेश था, वहां उम्मीदों का उजियारा हुआ और विभिन्न स्तरों पर विकास की बुनियाद रखी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक साल के कार्यकाल के दौरान सभी विपक्षी दलों का सहयोग मिला है। झारखंड विधानसभा के इतिहास में पहली बार विपक्षी दलों ने कट मोशन के दौरान प्रस्ताव वापस लिया था। उन्होंने कहा कि सी-सैट के खिलाफ जिस वक्त माहौल बना था उस वक्त सरकार ने एक सप्ताह के अंदर सी-सैट को खत्म करने जैसा साहसिक कदम उठाकर इतिहास रचा है। स्थानीयता के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों एवं बुद्धिजीवियों के साथ सरकार ने बैठक की, लेकिन उसके सकारात्मक नतीजे सामने नहीं आये। उन्होंने बताया कि सभी राजनीतिक दलों से इस मसले पर लिखित सुझाव मांगा गया है लेकिन कई विपक्षी दलों की ओर से अब तक लिखित सुझाव नहीं प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार निर्णय लेना चाहती है, सरकार में निर्णय लेने की इच्छाशक्ति भी है,लेकिन कुछ बातों पर आम सहमति से ही निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आलोचना में भी सरकार छिपी हुई प्रशंसा देखती है, जहां तक सरकार के कामकाज को लेकर अंक देने की बात है, तो यह निर्णय मीडिया और जनता को लेना है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह अहसास है कि जनता पांच वर्षाें बाद कामकाज का ब्यौरा मांगेंगी और काम नहीं करने पर स्वतः ही मुक्त कर देगी।
रघुवर दास ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि सत्ता साधन है, साध्य नहीं। इसलिये वे सत्ता का अहंकार नहीं रखते हैं। विगत एक वर्ष से सरकार द्वारा किये गये कार्यों से झारखण्ड के प्रति लोगों के सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिली है। उन्होंने कि चार सालों में राज्य में विकास की नई इबारत लिखी जायेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के सहयोग से सरकार की इच्छा शक्ति को बल मिला है। सरकार का लक्ष्य समाज के अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक उनके अधिकारों को दिलाना है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने जनता के साथ जो वायदे किये हैं उन्हें पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने मीडिया के माध्यम से जनता से अपील करते हुए कहा कि हर चीज के लिये सरकार के भरोसे रहने की आदत नहीं डालें बल्कि सरकार को सहयोगी के रुप में समझें।
उन्हांेने कहा कि जिस प्रकार से एक साल के अन्दर झारखंड में आधारभूत संरचनाओं को विकास की बुनियाद पड़ी है वह बुनियाद आने वाले दिनों में विकास के रुप में दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से राज्य के विकास में विधायिका और कार्यपालिका ने तीव्र गति से काम करना शुरु किया है उससे यह साफ हो गया है कि कुछ करने की चाह अगर हो तो मंजिलें आसान होती चली जाती हैं। इसलिये जिन्दगी के पड़ाव में मंजिल नहीं होती है। झारखंड को विकास की राहों पर अभी बहुत आगे ले जाना है। जनता की बुनियादी समस्याओं से लेकर विभिन्न स्तरों पर सुधारों की आवश्यकता है। इसलिये सरकार आने वाले दिनों में बीते एक साल में हुए कार्यों के कार्यान्वयन की समीक्षा करते हुए विकास की राहों में निरंतर चलेगी। क्योंकि हम झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता की आस को किसी भी हाल में नहीं तोड़ सकते जो निराशाओं की कालिमा से निकलकर सामने आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते एक साल में झारखंड ने जो नये आयाम स्थापित किये हैं उसमें सभी विभाग के पदाधिकारियों की भूमिका सराहनीय है और वे धन्यवाद के पात्र्ा हैं। उन्होंने बताया कि जनवरी महीने में केन्द्र सरकार की ओर से कुल 9000 करोड़ रुपये की लागत से सड़क योजना का शिलान्यास केन्द्रीय मंत्र्ाी नीतिन गडकरी की ओर से किया जायेगा। साथ ही रिम्स में व्यवस्था सुधार को लेकर उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही कुछ विभाग रिम्स से रांची के सदर अस्पताल में शिफ्ट किये जायेंगे और रिम्स में सुविधाओं का विस्तार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार बेरोजगारी उन्मूलन और महिला सशक्तीकरण को लेकर कृत संकल्पित है और ज्यादा से ज्यादा आईटी के इस्तेमाल किया जायेगा।
उन्होंने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि किसी भी समाचार का प्रकाशन तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिये। छोटे -छोटे मुद्दों को बिना तथ्य के स्कैंडल का रुप न देने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि बीते एक साल में जिस प्रकार मीडिया सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं को सरकार के सामने रखा है, वह एक बेहतरीन पत्र्ाकारिता की पहचान है।
इस मौके पर मुख्य सचिव राजीव गौबा ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने राज्य में एक सकारात्मक और निर्णयात्मक माहौल बनाने में बीते एक साल में सफलता हासिल की है जो एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जब काम करने का जुनून सरकार में होता है तो सभी विभाग सक्रिय हो जाते हैं और सभी विभागों ने नई नीति और कई प्रोजेक्ट को लांच करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। श्री गौबा ने कहा कि नीतियों के क्रियान्वयन में तेजी आई है साथ ही उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डुईंग बिजनेस का संबंध न केवल व्यवसाय और उद्य्नोग से संबंधित है बल्कि आम आदमी के जीवन को सरल भी बनाना है। उन्होंने कहा कि राईट टू सर्विस एक्ट में कई प्रकार की सेवाओं का समावेश किया गया है और पूरा राज्य कई क्षेत्रों में रोल मॉडल बनकर उभर रहा है। राजीव गौबा ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में जहां 19400 करोड़ का बजट था वहीं सरकार ने वर्तमान वित्तीय बजट में 31690 करोड़ का बजट पारित किया जो पिछले वर्ष की तुलना में दो तिहाई ज्यादा है। वहीं व्यय करने की बात की जाये तो इस वर्ष अब तक सरकार ने कुल बजट की 50 फीसदी राशि खर्च की है जबकि पिछले वर्ष मात्र 30 फीसदी ही राशि खर्च हो सकी थी। उन्होंने कहा कि राज्य विकास की राहों में अग्रसर है बशर्ते छिद्राण्वेषण की प्रवृति पर रोक लगाई जा सके।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सह मुख्य मंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि बीते एक साल में आशा का संचरण जनता के बीच हुआ है, कुछ करने की एक उम्मीद जगी है। सेवा के अधिकार के तहत जल्द ही 151 सेवाओं को सरकार देने पर विचार कर रही है साथ ही डिलेवरी सिस्टम को कैसे दुरुस्त किया जाये इसका आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मूल मंत्र सबकी खैर से हैं और बीते एक साल में सरकार ने कुल 42 कैबिनेट की बैठक कर कुल 814 निर्णय लिये हैं जो आने वाले दिनों में राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे।
रिपोर्ट कार्ड जारी करने को लेकर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रुप से नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, खेल मंत्री अमर कुमार बाउरी, जल संसाधन मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी, शिक्षा मंत्री नीरा यादव, अपर मुख्य सचिव एन एन पांडेय, विकास आयुक्त आर एस पोद्दार, प्रधान सचिव वित विभाग अमित खरे, प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग राजबाला वर्मा, सचिव वाणिज्यकर विभाग निधि खरे, समेत कई विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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