नववर्ष में विश्व शांति के लिए रुहानी प्रकम्पन फैलायेःब्रह्मकुमारी निर्मला

2रांची,1जनवरी। विश्व में शांति की स्थापना के लिए रुहानी प्रकम्पनों को फैलाने की आवश्यकता है। राष्ट्रों के बीच आपसी संघर्ष क्षुद्र स्वार्थ के कारण है। अपने आंतरिक शांत स्वरुप को मानव ने स्वार्थ की परतों के अंदर छिपा दिया है, अब उस स्वरुप में स्थित होकर ही लोग विश्व की अर्थव्यवस्था को सुधार समृद्धि के शिखर तक पहुंचा सकते है। ये उदगार आज यहां चौधरी बगान, हरमू रोड ब्रह्मकुमारी केंद्र में ब्रह्मकुमारी राजयोगिनी निर्मला बहन ने विशेष राजयोग अभ्यास सत्र में व्यक्त किये।
नववर्ष में भय, निराशा, घृणा की नकारात्मक भावनाओं की शांति के लिए व रहम, प्रेम, करुणा के भावों की मानव समाज में वापसी के लिए ब्रह्मकुमारी संस्थान में भाईयों व बहनों ने आज सुबह से संध्या तक विशेष राजयोग के प्रकम्पन प्रेषित किये।
निर्मला बहन ने कहा कि बहुत समय से दुःख और अशांति के ओढ़े हुए लबादे को फेंक कर ही आत्मा सुख शांति के सुंदर लिबास को धारण कर सकती है। समस्त विश्व को एकता और शांति के मधुर सूत्र में पिरोने का दिव्य कार्य किसी वैज्ञानिक, राजनीतिज्ञ या धर्म स्थापक का न होकर केवल मात्र विश्व पिता परमात्मा द्वारा ही होना संभव है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र आज नैतिकता से विखंडित मूल्यविहीन हो गये हैं। आध्यात्मिकता के दिव्य मंत्र की सभी लोगों के कानों में फूंककर ही सबमें अपनत्व का नाता पैदा हो सकता है। नैतिक पतन के इस समय संहारक अस्रों के प्रसार से जो विनाश विगुल बज रहा है,उसके साथ नये सदयुगी विश्व की स्थापना के कार्य को पूरा करने के लिए शांति सागर परमात्मा सहनशीलता की अनुभूति कराते हैं।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *