भूमिगत आग से सात मकान जमींदोज,एक महिला के दबने की आशंका

रांची,6फरवरी। झारखंड के धनबाद जिले में झरिया के भूमिगत क्षेत्र में सात मकानों के जमींदोज होने की खबर है और इस हादसे में एक महिला के भी दब जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार झरिया में बीसीसीएल(भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) के सुदामाडीह ईस्ट भौरा इलाके में आज तड़के जहरीली गैस के रिसाव और तेज आवास के साथ भूधंसान में सात मकान जमींदोज हो गये। इस घटना में एक 40वर्षीय महिला जीरा देवी के भी दबे रहने की आशंका व्यक्त की जा रहा है। बताया गया है कि महिला अपने घर के अंदर बकरी को बांधने के लिए गयी थी,तभी भू-धंसान होने से वह जमीं में समा गयी। वहीं घर के समान व मवेशियों के भी जमीन के अंदर समा जाने की खबर है। जहरीली गैस के रिसाव और भूधंसान के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बताया गया है कि प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले 20 घरों में रहने वाले परिवारों में खासा भय व दहशत है, लेकिन कोई अन्य विकल्प नहीं होने के कारण वे वहीं रहने के लिए मजबूर है।
इधर, बीसीसीएल प्रबंधन के आला अधिकारियों को गैस रिसाव व भू धंसान की जानकारी दे दी गयी है, लेकिन इसके बावजूद काफी देर तक बीसीसीएल अधिकारियों के मौके पर देर से पहुंचने पर स्थानीय लोगों में खासा आक्रोश देखा जा रहा है। बताया गया है कि क्षेत्र में रहने वाले कई अन्य घरों में भी भू-धंसान और कंपन के कारण दरारें पड़ चुकी है और अब इन घरों में रहना खतरे से खाली नहीं है। रेस्क्यू टीम महिला को निकालने के प्रयास मंे जुटी है।
गौरतलब है कि कोयला कंपनियों द्वारा इलाके से कोयला निकाले जाने और इसमें लगी आग की वजह से गैस रिसाव और जमीन धंसने की घटना अक्सर होती रहती है। बताया गया है कि झरिया में भूमिगत कोयले में लगी आग का पता सबसे पहले 1916 में चला था। उस वक्त निजी मालिकों के पास इस आग बुझाने की कोई तकनीक नहीं थी और न ही उनकी ओर से कोई प्रयास किया गया है। लेकिन 1971 में कोल इंडिया के राष्ट्रीयकरण के बाद आधुनिक तकनीक से कोयला खनन शुरु हुआ, लेकिन तब किये गये सर्वेक्षण के अनुसार 17 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की 70 जगहों पर भूमिगत आग लगी होने का पता चला। उनमें से 10 जगहों पर ब्लैकेटिंग, नाईट्रोजन फ्लाशिंग और स्टोविंग के जरिये आग पर काबू पाने की कोई की गयी,लेकिन कोयला अधिकारियों ने आग को फैलने से रोकने तथा बुझाने संबंधी कार्याें में गंभीरता नहीं दिखायी, जिसके कारण भूमिगत आग का बढ़ाना जारी है। भूमिगत आग के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्ग और रेल मार्ग भी प्रभावित हुआ है।

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