आंगनबाड़ी केन्द्रों के अनियमित संचालन के दोषी कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई

रांची,18मार्च। मुख्यमंत्री जनसंवाद कार्यक्रम, उपायुक्त के जन शिकायत कोषांग एवं कुछ अन्य स्त्र्ाोतों से दुमका के कुछ आंगनबाड़ी केन्द्रों के अनियमित संचालन की सूचना के आलोक में दुमका के उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा के निर्देश पर जिले के 100 चिन्हित आंगनबाड़ी केन्द्रों का वरीय पदाधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के उपरांत जिन केन्द्रों में अनयिमिततायें पायी गयी हैं उनसे सम्बद्ध सेविकाओं, सहायिकाओं, पर्यवेक्षिकाओं और महिला एवं बाल विकास पदाधिकारियों के खिलाफ यथोचित कार्रवाई के निदेश भी दिये गये हैं।
उपायुक्त दुमका श्री सिन्हा ने बताया कि विभिन्न स्त्रोतों से दुमका जिले के कुछ चिन्हित आंगनबाड़ी केन्द्रों के अनियमित संचालन से संबंधित शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों के निवारण के लिये उपायुक्त दुमका के निदेश पर 12 मार्च 2016 को जिले के सभी दस प्रखंडों के अंतर्गत सभी चिन्हित आंगनबाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण वरीय पदाधिकारियों और संबंधित प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों द्वारा किया गया।
निरीक्षण के उपरांत प्राप्त जांच प्रतिवेदन के मुताबिक चिन्हित 100 आंगनबाड़ी केन्द्रों में से 44 केन्द्र बंद पाये गये, शेष केन्द्र खुले थे। ज्यादातर केन्द्रों का संचालन सुचारु रुप से चल रहा था, किन्तु कुछ केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति नामांकित बच्चों की तुलना में काफी कम पायी गयी। कुछ केन्द्रों में बच्चों को नाश्ता और भोजन मेनू के अनुरुप नहीं दिया जा रहा था और कुछ केन्द्रों पर साफ सफाई की व्यवस्था असंतोशजनक पायी गयी। कुछ केन्द्रों पर ऐसी शिकायतें भी पायी गयीं कि केन्द्र संचालन अवधि में सेविका या सहायिका नियमित रुप से उपलब्ध नहीं रहती हैं।
निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर उपायुक्त दुमका ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, दुमका को निरीक्षण प्रतिवेदन में पायी गयी त्रुटियों के संबंध में सभी निरीक्षित आंगनबाड़ी केन्द्रों की सेविकाओं और सहायिकाओं से तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निदेश दिया है। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाये जाने की स्थिति में दोषी सेविका या सहायिका को बरखास्त करने और बरखास्तगी के फलस्वरुप रिक्त पदों पर नये योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति करते हुए केन्द्रों के सुचारु संचालन की व्यवस्था करने का निदेश दिया गया है।
संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं पर भी जिम्मेवारी निर्धारित कर उनका वेतन अगले आदेश तक स्थगित रखते हुए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निदेश दिया गया है। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं पाये जाने पर उनके विरुद्ध प्रपत्र क गठित करने की कार्रवाई करने का भी निदेश दिया गया है।
उपायुक्त दुमका ने सख्त निदेश दिया है कि संबंधित पदाधिकारी एवं पर्यवेक्षिका प्रत्येक माह में कम से कम 15 केन्द्रों का औचक निरीक्षण करें एवं पायी गयी त्रुटियों के निराकरण हेतु ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें। निरीक्षी पदाधिकारी निरीक्षण के क्रम में पायी गयी त्रुटियों एवं उसके निराकरण हेतु दिये गये निर्देशों को केन्द्र में संधारित पंजी में विस्तृत रुप से अंकित करें ताकि वरीय पदाधिकारियों द्वारा आगामी निरीक्षण के दौरान पंजी देखने से स्थिति स्वतः स्पष्ट हो सके।
उपायुक्त दुमका ने बताया कि दुमका जिले में कुल 2060 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं जिनका औचक निरीक्षण नियमित रुप से स्वयं उपायुक्त एवं अन्य वरीय पदाधिकारियों द्वारा किया जाता है। जिन 100 चिन्हित आंगनबाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण उपायुक्त के निदेश पर बनी टीम के द्वारा किया गया, उन्हें छोड़कर अन्य सभी केन्द्रों का संचालन संतोषजनक है और इन केन्द्रों के संबंध में सामान्यतः शिकायतें प्राप्त नहीं होती हैं।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *