भैरव महोत्सव के दूसरे दिन भी उमड़ी भीड़

कैलाश खेर की आवाज में खो गये लोग
1रांची,27मार्च। बोकारो जिले के चंदनकियारी में चल रहे तीन दिवसीय भैरव महोत्सव में प्रख्यात गायक कैलाश खेर ने लोगों का मन मोह लिया। शनिवार को महोत्सव के उदघाटन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का जो दौर शुरु हुआ, वह देर रात तक चलता रहा। कैलाश खेर ने ’बम लहरी’, तेरी दिवानी, सैंया जैसे गाने से लोगो को मोहित कर दिया। रात करीब 12 बजे तक लोग उनकी सुरीली आवाज में गोते लगाते रहे। इससे पूर्व प्रिंस डांस ग्रुप का अनोखा नृत्य और वीणा शाह के गायन ने दर्शको को बांधे रखा।
इस तीन दिवसीय भैरवनाथ महोत्सव की ख्याती दूर-दूर तक पहुंचने लगी है। महोत्सव के दूसरे दिन आसपास के गांव और शहर के सैकड़ों लोगों ने भैरव बाबा के दर्शन किये। अतिप्राचीन इस मंदिर को पर्यटन, कला- संस्कृति विभाग के तरफ से सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस महोत्सव को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह है।
मंदिर के पुजारी रंजन ठाकुर ने मंदिर की स्थापना के विषय में बताया कि अज्ञातवास के वक्त जब पांडवों की मां कुंती को प्यास लगी, तो अर्जुन ने तीर चला कर इस जगह पर पानी की एक धार निकाली, जिसे आज भैरव स्थान का गुप्त कुंड कहा जाता है। इस कुंड का पानी कभी भी कम नहीं होता और न ही बढ़ता है। पेयजल संकट झेल रहे भोजुडीह गांव और आसपास के लोगों के लिए इस कुंड का पानी पेयजल का मुख्य श्रोत है। ऐसी मान्यता है कि नवजात बच्चे तो इस कुंड के पानी से स्नान करवाने पर उसे कई रोगों से मुक्ति मिलती है। स्नान की इस प्रक्रिया को ’मगरा’कहा जाता है।
मंदिर में मकर संक्रांति और शिवरात्रि में विशेष पूजा अर्चना की जाती है। साथ ही सावन में स्थानीय लोग इस कुंड से जल भर कर बैधनाथ धाम में बाबा का जिलाभिषेक करते हैं। फिलहाल मंदिर प्रांगन में एक सामुदायिक भवन और धर्मशाला निर्माणाधीन है। काम युद्धस्तर पर जारी है। पर्यटन विभाग की ओर से इसे और वृहद स्वरुप प्रदान करने की योजना है।
कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री अमर बाउरी ने कहा कि राज्य सरकार भैरव स्थान के साथ-साथ राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों को चिन्हित कर उसके विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

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