राजभवन ने सीयूजे कुलपति को दिया निर्देश

डॉ. श्रेया भट्टाचार्य के निलंबन मामले में संशोधित आदेश जारी करें
रांची,30मार्च।राज भवन का ध्यान विभिन्न समाचारपत्रों एवं मीडिया में केन्द्रीय विश्वविद्य्नालय, झारखंड की सह प्राध्यापक एवं डीन, छात्र कल्याण डा0 श्रेया भट्टाचार्या के निलंबन से संबंधित प्रकाशित व दर्शाये गये समाचार की ओर गया। इसमें उल्लेख किया गया है कि माननीया राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने केन्द्रीय विश्वविद्य्नालय, झारखण्ड द्वारा सरदार बल्लभ भाई पटेल की 140वीं जयंती र्व ा पर आयोजित कार्यक्रम में दिनांक 19 मार्च, 2016 को भाग लेने पर अपनी सहमति प्रदान की थी, लेकिन डा0 श्रेया भट्टाचार्या द्वारा द्वारा जे.एन.यू. के प्रोफेसर एन.एम. पाणिनी को विशि ट अतिथि बनाये जाने के कारण आखिरी क्षणों में समारोह में भाग लेने का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। यह समाचार तथ्यहीन एवं भ्रामक है। इस आशय से संबंधित आज एक पत्र राज्यपाल के प्रधान सचिव एस.के. सतपथी ने केन्द्रीय विश्वविद्य्नालय, झारखंड के कुलपति को लिखा है।
राज्यपाल के प्रधान सचिव एस.के. सतपथी ने केन्द्रीय विश्वविद्य्नालय, झारखंड के कुलपति को प्रेषित अपने पत्र में कहा है कि राज्यपाल का दिनांक 19 मार्च, 2016 को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में व्यस्तता के कारण केन्द्रीय विश्वविद्य्नालय, झारखण्ड द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने पर सहमति प्रदान नहीं की गई थी। साथ ही राज्यपाल कार्यालय से किसी भी प्रकार की लिखित अथवा मौखिक संपुष्टि नहीं की गई थी कि राज्यपाल महोदया उक्त विश्वविद्य्नालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेगी। उन्होंने प्रेषित अपने पत्र में केन्द्रीय विश्वविद्य्नालय, झारखंड के कुलपति को निर्देश दिया है कि 28 मार्च को निर्गत डा0 श्रेया भटृटाचार्या के निलंबन आदेश को संशोधित करें, वास्तविकता को दर्शायें। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि इससे प्रेस व मीडिया को भी अवगत कराया जाय। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिना किसी तथ्य के डा0 श्रेया भट्टाचार्या के निलंबन आदेश में राज्यपाल का उल्लेख करना खेदजनक है।

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