स्वतंत्रता सेनानी के समाधि स्थलों को पर्यटन स्थल के रुप में किया जाएगा विकसितःसीएम

रांची,17अप्रैल।मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में झारखण्ड के सभी स्वतंत्रता सेनानी के समाधि स्थलों को पर्यटन केन्द्रों के रुप में विकसित किया जायेगा। इसी के क्रम में बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारावास को पर्यटन स्थल के रुप में विकसित किया जा रहा है। उक्त बातें उन्होंने आज सिमडेगा के बानों प्रखण्ड के नवागांव में अमर शहीद वीर बख्तर साय एवं मुण्डल सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कही।
श्री दास ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में सर्वप्र्रथम क्रांति का बिगुल 1857 में फूंका गया इसी दौरान गुमला के क्षेत्र्ा में भी वीर सेेनानी बख्तर साय एवं मुण्डल सिंह ने अंग्रेजोें से लोहा लिया। उन्होंने इन दोनों वीर सेनानीयों को याद करते हुुए उन्हें श्रृद्धाजंली अर्पित करते हुए नमन किया।
मुख्यमंत्र्ाी ने कहा कि आज हमें जागरुक और अपने अधिकार कोे समझने की जरुरत है। शिक्षा के द्वारा समाज में जागरुकता आती है। जहां जागरुकता आती है वहां समझदारी विकसित होता है। समाज में व्याप्त समस्याओं को दूर करने के लिए संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि हमें अपने पुरखों के सामाजिक मूल्य एवं परम्परा को याद कर उन्हें संजोने की जरुरत है। इससे आत्माविश्वास पैदा होता है। जो हमारे जीवन के हर पथ पर चलने के लिए प्रेरणा के सा्रेत बनते हैं।
मुख्यमंत्र्ाी ने कहा कि विकास के लिए सुरक्षा आवश्यक है। दोनों तत्व एक दूसरे के पूरक हैं। जहां सुरक्षा है वहीं विकास हो सकता है। समाज से भटके हुए लोगों को उन्होेने मुख्य धारा से जुड़ने का भी आह्वान किया। उन्हंे विकास के लिए समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का आग्रह किया। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि यदि समाज के ताने बाने या विधान को तोड़ने का प्रयास करते हैं तथा कानूनी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करते हैं तो सरकार उनके साथ सख्ती से पेश आयेगी। लेवी मांगने वालों पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।
रघुवर दास ने कहा कि प्रधानमंत्र्ाी के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के संकल्प को पूरा करने के लिए झारखण्ड सरकार कृत संकल्प है। हाल में 2016-17 के पेश बजट में महिलाओं के लिए सम्पूर्ण बजट का 47 प्रतिशत खर्च का प्रावधान है। योजना बनाओं अभियान के बारे में उन्होंने कहा कि अब गांव का विकास गांव के लोग कर सकेंगे। अपने संसाधन के अनुरुप योजना बनायेंगे। 2016-17 वर्ष जल संग्रहण एवं संचयन का वर्ष होगा। डोभा, तालाब आदि का निर्माण एवं जिर्णोद्धार के द्वारा जल संग्रहण किया जा सकता है। उन्होने गांव के विकास के लिए पंचायत कोे और भी अधिक सशक्त एवं अधिकार देने की बात कही।
रौतिया समाज को अनुसूचित जनजाति में सम्मिलित करने की मांग पर उन्होने कहा कि जल्द हीं शोध संस्थान को सर्वेक्षण के लिए लगाया जायेगा उसके बाद इसके अनुमोदन के लिए केन्द्र सरकार को भेजा जायेगा। उन्होने कौशल विकास मिशन के तहत स्थानीय लोगों संसाधन के अनुरुप ही रोजगारपरक प्रशिक्षण देने की बात कही। अब महुंआ को भी उचित दाम पर क्रय किया जायेगा। उन्होने नवागांव के ग्रामीणों से वादा किया कि जल्द ही अगले महीने इस गांव का दौरा करेंगे। इस अवसर पर सिमडेगा विधायक बिमला प्रधान, पूर्व विधायक खूंटी कोचे मुण्डा, उपायुक्त विजय कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक राजीव रंजन सहित अन्य अधिकारीगण तो वहीं बड़ी संख्या में नवागांव के ग्रामीण उपिस्थित थे।

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