वाणिज्यकर विभाग के तीन पदाधिकारी निलंबित

सीएम ने कर्त्तव्यहीनता व राजस्व संग्रहण में लापरवाही को लेकर किया निलंबित
रांची,9मई। मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा आज वाणिज्यकर विभाग के तीन पदाधिकारियों को कर्त्तव्यहीनता तथा राजस्व संग्रहण में लापरवाही के आरोप में को निलंबित करने का आदेश दिया है तथा कई को चेतावनी दी गयी है। जिन तीन पदाधिकारियेां को निलंबित किया गया है उनके नाम निरंजन प्रसाद सिंह,प्रभारी चोरदाहा जांच चौकी एवं श्री राम प्रवेश प्रसाद तथा संजय कुमार राव सहायक आयुक्त है। चोरदाहा जांच चौकी पर प्रतिनियुक्त पदाधिकारी को र्क ाव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने राजस्व संग्रहण के प्रति असंवदनशीलता एवं नगद राशि के लेखा-जोखा का सही-सही संधारण नहीं करने के साथ-साथ उच्चाधिकारियों को दिग्भ्रमित करने का दोषी पाते हुए उन्हें निलंबित किया तथा विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की करने का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने जांच चौकी पर प्रतिनियुक्त अन्य पदाधिकारियों सुनील कुमार चौधरी, वजय मोहन, संजय कुमार, विरेन्द्र कुमार सिन्हा, रजनीश कुमार समद, अमरकान्त ठाकुर,श्री सोमरा भगत, सुरेन्द्र कुमार गोप एवं उमेश चन्द्र दास को कर्त्तव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के लिए भविष्य के लिए चेतावनी दी।
प्रमण्डलीय प्रभारी विजय कुमार दूबे,वाण्ज्यि-कर संयुक्त आयुक्त(प्र) हजारीबाग प्रमण्डल,हजारीबाग को अपने कर्त्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन नहीं करने एवं प्रशासनिक नियंत्रण में विफलता के लिए चेतावनी दी गई है एवं उन्हें निदेश दिया गया है कि प्रत्येक सप्ताह अपने अधीनस्थ जांच चौकियों एवं प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को कि क्रियाकलापों का विस्तृत निरीक्षण एवं अनवर्ती कार्रवाई सुनिश्चित करें।
विदित हो कि दिनांक 5 मई को प्रधान सचिव सह-आयुक्त वाणिज्य-कर के द्वारा चोरदाहा (चौपारण) समेकित जांच चौकी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान युगल किशोर,अपर आयुक्त सह विशेष सचिव,वाणिज्य कर उपस्थित थे। निरीक्षण के समय निरंजन प्रसाद सिंह प्रभारी चोरदाहा जांच चौकी एवं राम प्रवेश प्रसाद तथा संजय कुमार राव सहायक आयुक्त कार्यरत थे।
निरीक्षण के समय कैस बॉक्स में पायी गई नगद राशि 2,94,400.00 का लेखा-जोखा उपस्थित पदाधिकारी प्रस्तुत नहीं कर सके। 1अप्रैल से चार अप्रैल 2016 (निरीक्षण के समय तक) चेक पोस्ट से गुजरने वाले वाहनों की प्रविष्टी से संबंधित कोई लेखा-जोखा भी प्रस्तुत नहीं िकया गया। इस संबंध में न तो किसी पंजी में उसकी प्रविष्टी की जा रही थी। और न ही कम्पयूटर में इसकी प्रविष्टी की गई थी। 5अप्रैल2016 को निरीक्षण के समय तक परिवहित वाहनों की प्रतिष्टी से संबंधित किसी भी प्रकार का लेखा जोखा उपस्थित पदाधिकारी प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ करने पर यह भी बताया गया कि रात्र्ाि दस बजे के बाद सुरक्षा कारणांे से वाहनों की जांच नहीं हो रही है।
निरीक्षण के क्रम में चोरदाहा जांच चौकी से लगभग 25 कीलोमीटर दूर उसी एनएच पर बिहार में अवस्थित डोभी जांच चौकी का भी भ्रमण किया गया। डोभी चेक पोस्ट से गुजरने वाले सभी वाहनों को चोरदाहा चेक पोस्ट से भी गुजरना पड़ता है क्योंकी दोनों चेक पोस्टों के बीच कोई अन्य रास्ता नहीं है। राज्य के बाहर से डोभी जांच चौकी से गुजरते हुए चोरदाहा जांच चौकी राष्ट्रीय उच्च मार्ग से झारखण्ड में 5 मई 2016 को प्रवेश करने वाले कुल 87 वाहनों से संबंधित अनुज्ञा पत्र की प्रतियों प्राप्त की गई। इन वाहनों के चोरदाहा जांच चौकी पर जांच होने से संबंधित कोई साक्ष्य उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा नहीं कराया गया। स्पष्ट है कि इन वाहनों को बगैर जांच किये जांच चौकी से पार कराया गया है जिसमें पदाधिकारियों को संलिप्ता परिलक्षित हुई एवं राजस्व की भी क्षति हुई ।

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