पत्रकार हत्याकांड का खुलासा

टीपीसी नक्सलियों ने की हत्या, तीन गिरफ्तार
IMG-20160517-WA0006रांची,17मई। झारखंड के चतरा में एक निजी टीवी चैनल के पत्रकार अखिलेश प्रताप सिंह उर्फ इंद्रदेव यादव हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी(टीपीसी) ने लेवी नहीं देने पर इस घटना को अंजाम दिया। हत्याकांड के तीन आरोपियों को भी पुलिस ने गिरबतार कर लिया है।
चतरा के पुलिस अधीक्षक अंजनी झा ने आज पत्रकारों को बताया कि हत्याकांड से जुड़े बीरबल साव , सूरज साव और झमन साव को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता की बात भी स्वीकार की है, जबकि हत्या में प्रयुक्त मोटरसाईकिल को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। उन्होंने बताया कि ठेकेदारी विवाद और लेवी को लेकर हत्या की घटना को अंजाम दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इंद्रदेव यादव हत्याकांड को टीपीसी के मुकेश गंझू के इशारे पर नक्सली संगठन के सदस्यों ने अंजाम दिया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हत्याकांड का शूटर मुनेश गंझू, मास्टर माइंड मुकेश गंझू समेत हत्या में शामिल एक अन्य उग्रवादी अभी भी पुलिस के पकड़ से दूर है।उन्होंने बताया कि ठेकेदारी के एवज में पत्रकार से टीपीसी नक्सलियों ने सात लाख रुपये लेवी की मांग की गयी थी। इंद्रदेव यादव राजपुर क्षेत्र में डीवीसी की योजनाओं में ठेकेदारी करते थे।
उन्होंने बताया कि 13मई की रात को करीब 9 बजे हत्याकांड के मामले में अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है और स्वयं पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में अपर पुलिस अधीक्षक अभियान अश्विनी कुमार मिश्रा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ज्ञान रंजन समेत अन्य पुलिस कर्मियों की टीम ने मामले की छानबीन शुरु की, तो सबसे पहले एक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चतरा के नगवा में रहने वाले बीरबल साव को पुलिस ने उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया। बिरबल ने बताया कि इंद्रदेव की हत्या की योजना टीपीसी के मुकेश गंझू के घर में सूरज साव की उपस्थिति मंे झमन साव व मुनेश गंझू के साथ मिलकर 12 मई को सुबह बनायी गयी थी।
गुप्त सूचना के आधार पर झमन साव को भी चतरा बस स्टैंड से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ में उसने भी अपनी संलिप्तता की बात स्वीकार की है। उसने बताया कि बीरबल ही उक्त पत्रकार को घटना के दिन सूरज से मिलने के लिए यह कह कर बुलाया कि कल ठेकेदारी के काम के लिए लावालौंग जाने का कार्यक्रम है, इसलिए सूरज से मिल लें। उसने बताया कि बीरबल साव के द्वारा इंद्रदेव यादव को इशारे में पहचान करवाया,उसके बाद झपन साव अपाचे मोटरसाईकिल से देवदिया बाईपास सड़क पर योजना के तहत पहले से ही मौजूद मुनेश गंझू तथा एक अज्ञात को पत्र्ाकार इंद्रदेव यादव के आने के बारे में बताया । उन्होंने बताया कि इंद्रदेव यादव के देवरिया बाईपास पहुंचते ही पहले से घात लगाये बैठे मुनेश एवं एक अन्य अज्ञात के द्वारा गाड़ी रोकर उसपर गोली चलायी गयी,जिससे इंद्रदेव यादव की मौके पर मौत हो गयी। बाद में झपन की निशानदेही पर उसके द्वारा इस्तेमाल किये गये अपाची मोटरसाईकिल को भी लावालौंग के जयराम सिंह भोक्ता के घर से बरामद कर लिया गया है, साथ ही सूरज साव को भी चतरा स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अभी शूटर मुनेश गंझू, मुकेश गंझू और एक अन्य अज्ञात अभियुक्त के विरुद्ध छापामारी अभियान चला रही है।
बीरबल साव मयूरहंड प्रखंड का रहने वाला है और अभी नगवां में एक किराये के मकान में रहता था। जबकि झमन साव लावालौंग के टुनगुन गांव का और सूरज भी उसी गांव का रहने वाला है, लेकिन अभी चतरा में किराये के मकान में रहता था। इन अपराधियों के पास से एक मोटरसाईकिल के अलावा तीन मोबाइल भी बरामद किये गये है।

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