राज्यभर में अब तक दो लाख अवैध राशन कार्डों की छंटनी

1000 अवैध राशन दुकानों पर लगा ताला : चौबे
रांची। खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे ने कहा है कि मात्र दो महीने में दो लाख अवैध राशन कार्डों की छंटनी की गयी, जबकि पिछले तीन वर्षों में मात्र 800 अवैध राशन कार्डों की ही छंटनी की गयी थी, यहीं नहीं पूर्व में जो पूरे राज्य में जनवितरण प्रणाली दुकानों की संख्या जो 24500 थी, आज वह घटकर 23500 हो गयी है। इसका मूल कारण खाद्य्न, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध की गयी कार्रवाई और कंप्यूटरी.त सेवाओं व आधार का बड़े पैमाने पर उपयोग करना रहा है। श्री चौबे शुक्रवार को सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
25 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा एसएमएस अलर्ट सुविधा
उन्होंने कहा कि राज्य में उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के लिए करीब 25 लाख लाभुकों के मोबाइल नंबर विभाग को प्राप्त हो चुके है, जिस पर एसएमएस से अलर्ट सुविधा जल्द ही लाभुकों को प्राप्त होगी, जिससे लाभुकों को यह पता चल जायेगा कि डीलर ने राशन कब उठाया और उनके राशनों को किस लाभुक ने प्राप्त किया, इससे बहुत हद तक भ्रष्टाचार पर लगाम भी लगेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की राशनिंग की शिकायत के लिए एक टोल फ्री नं. 18003456598 जारी किया गया है, जिसका लाभ उपभोक्ता उठा सकते है।
श्री चौबै ने संवाददातों को बताया कि गुरुवार को ही भारत सरकार को पत्र लिखा है कि राष्ट्रीय खाद्य्न सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 86.48 प्रतिशत ग्रामीण आबादी एवं 60.20 प्रतिशत शहरी आबादी को आच्छादित किया जाना प्रावधानित है, उक्त परिपेक्ष्य में नये लाभुकों का चयन किया गया है, जिससे लाभुकों की संख्या में वृद्धि हुई है। बढ़े हुए लाभुकों की संख्या सहित श्रेणीवार कुल संख्या एवं मासिक खाद्य्नान्न की आवश्यकता से संबंधित आंकड़े भी केन्द्र सरकार को भेज दिये गये है। अधिनियम के अंतर्गत बढ़े हुए लाभुकों के लिए कुल 1,42,794.245 टन खाद्य्नान्न की राज्य को आवश्यकता है।
ससमय निर्धारित मात्रा में खाद्य्नान्न उपलब्ध
उन्होंने कहा कि उनका विभाग इस बात के लिए कटिबद्ध है कि लाभुकों को ससमय निर्धारित मात्रा में खाद्य्नान्न उपलब्ध करायी जाय, इसके लिए झारखण्ड राज्य खाद्य्न एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के गोदाम से जनवितरण प्रणाली दुकानों तक खाद्य्नान्न का परिवहन डोर स्टेप डिलिवरी के माध्यम से किया जा रहा है। खाद्य्नान्न परिवहन में जीपीएस ट्रेकिंग सिस्टम भी लगायी जा रही है ताकि खाद्य्नान्न के परिवहन में पारदर्शिता बनी रहे। सरकार द्वारा सप्लाई चेन पद्धति को पूरी तरह से कम्प्यूटरी.त कर दिया गया है। सप्लाई चेन प्रबंधन के अंतर्गत खाद्य्नान्न का ऑनलाइन आवंटन, डीलरों द्वारा एनइएफटी के माध्यम से आवंटित खाद्य्नान्न के विरुद्ध राज्य खाद्य्न निगम को ऑनलाइन भुगतान की सुविधा, झारखण्ड राज्य खाद्य्न निगम द्वारा कम्प्यूटरी.त भंडार निर्गमन आदेश निर्गत करना, जन वितरण प्रणाली दुकानदारों एवं लाभुकों को खाद्य्नान्न आने की सूचना एसएमएस द्वारा प्राप्त होना प्रमुख है। इसके लिए सभी गोदामों में इलेक्ट्रानिक वेइंग मशीन एवं टेबलेट का अधिष्ठापन हो चुका है। पारदर्शिता एवं सु.ढ़ अनुश्रवण के लिए बायोमैट्रिक हैंडहेल्ड डिवाइस का अधिष्ठापन किया जा रहा है इसके लिए बू मोडेल आधारित फर्म का चयन किया जा चुका है, जिसे अगस्त 2016 तक संपूर्ण राज्य में लागू कर दिया जायेगा।
खाद्य्न आपूर्ति के लिए ऑनलाइन रिवर्स ऑक्सन प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि धान अधिप्राप्ति योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष राज्य में 3 लाख तीन हजार मीट्रिक धान की खरीद की गयी। उन्होंने कहा कि नमक एवं चीनी इत्यादि खाद्य्न पदार्थों की आपूर्ति के लिए ऑनलाइन रिवर्स आक्शन की प्रक्रिया को अपनाया गया है। इसके लिए छमडस् के ऑनलाइन प्लेटफार्म का उपयोग सफलता पूर्वक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दाल भात योजना को आदर्श बनाने की ओर उनका विभाग विशेष ध्यान दे रहा है। यहां भोजन करने आये लोग, स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण में भोजन करें, इस पर काम प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष दाल के अवैध भंडारण पर 129 स्थलों पर छापेमारी की गयी, जिसमें कुल 2820.25 क्विंटल दाल जब्त किये गये थे।
गड़बड़ी रोकने के लिए पंचायतस्तरीय सतर्कता समिति गठित
श्री चौबे ने कहा कि खाद्य्नान्न वितरण में गड़बड़ियों को रोकने के लिए राज्य, जिला, प्रखण्ड, वार्डस्तरीय, पंचायतस्तरीय सतर्कता समिति का गठन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में जल्द ही मोबाइल किचन का संचालन किया जायेगा। ये मोबाइल किचन उन स्थानों पर काम करेंगी, जहां हाट-बाजार लगा करते है। ये मोबाइल किचन वहां जाकर हाट बाजार में आये लोगों को सेवा प्रदान करेगी। जल्द ही राज्य में अनुदानित दर पर चना का भी वितरण किया जायेगा। राज्य के 6 जिलों हजारीबाग, चतरा, गिरिडीह, जमशेदपुर, खूंटी और जामताड़ा में किरासन तेल में प्रत्यक्ष लाभ हस्तातंरण स्कीम लागू किया जायेगा। जल्द ही डबल फोर्टिफाइड आयरन-आयोडिन युक्त नमक का वितरण किया जायेगा ताकि लोगों को उचित मात्रा में आयरन मिल सकें और वे एनीमिया के शिकार न हो। रांची, जमशेदपुर, एवं धनबाद के सभी जन वितरण प्रणाली दुकानों में डिजिटल वेइंग मशीन का अधिष्ठापन कर दिया जायेगा। धान अधिप्राप्ति प्रणाली का कम्प्यूटरीकरण किया जायेगा। पायलट बेसिस पर रांची के ओरमांझी प्रखंड एवं रामगढ़ के मांडू में खाद्य्नान्न के लिए डीबीटी व्यवस्था लागू होगी। भारतीय खाद्य्न निगम एवं राज्य खाद्य्न निगम के कम्प्यूटरीकरण कार्यक्रमों का संयोजन किया जायेगा, साथ ही जल्द ही राज्य के उन सारे नागरिकों को सफेद कार्ड उपलब्ध कराये जायेंगे, जो राष्ट्रीय खादय सुरक्षा अधिनियम से मुक्त है, इन सफेद राशन कार्डों पर केवल किरासन तेल दिये जायेंगे।

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