15 अगस्त तक सभी सरकारी कर्मी घरों में शौचालय निर्माण व उपयोग सुनिश्चित करें-सीएम

रांची,28जुलाई।मुख्यमंत्री रघुवर दास ने स्वच्छता अभियान कार्य को प्राथमिकता देते हुए सभी सरकारी कर्मचारियों से अपील की है ि कवे 15 अगस्त तक अपने घरों में शौचालय का निर्माण तथा उपयोग को सुनिश्चित करने के आवश्यक प्रयास करें। ऐसे परिवारों द्वारा स्वयं अपने संसाधनों से शौचालय का निर्माण करने पर उपायुक्त द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र,सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा । मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब का यह नैतिक उत्तरदायित्व है कि स्वच्छ भारत की संकल्पना को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायें और स्वच्छ भारत के साथ-साथ स्वच्छ झारखंड के सपने को भी साकार करेँ। इस संबंध में उन्होंने 7 सितंबर 2015 को आयोजित पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव अमरेन्द्र प्रताप सिंह को निर्देश दिया था कि सरकार से संबंधित सभी ऐसे व्यक्ति जो स्वयं अपना शौचालय निर्माण कर उसका उपयोग करने में सक्षम है,वे खुले में शौच मुक्त झारखंड बनाने में अपनी भूमिका के प्रति स्वयं सजग रहते हुए तथा समाज में स्वयं स्वच्छता की पहल कर दूसरों के लिए उदाहरण स्थापित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में वार्षिक अनुदान पर अनुबंध पर लगभग 3 लाख कर्मी है, वहीं सेवानिवृत पेंशनधारी एक से डेढ़ लाख है। इसी तरह 4-5 लाख ऐसे सक्षम परिवार है जो शौचालय बनाकर उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शौचालय के स्वतः निर्माण तथा अपने परिवार का नाम बेस लाइन अनुदान सूची से हटाने से अन्य जरुरतमंद गरीब परिवारों को लाभ दिया जा सकेगा। इसके अलावे केंद्रीय लोक उद्य्नम व सरकारी कार्यालय-समृद्ध प्राईवेट कंपनी में भी झारखंड निवासी कर्मी लगभग कार्यरत-पेंशन भोगी भी 3 लाख है, इन्हें इस स्वेच्छाधारी अभियान में शामिल करना अनिवार्य है।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि दिनॉक 7 अक्टूबर 2015 को कि शासकीय सेवा में कार्यरत एवं पेंशनभोगी पदाधिकारी,कर्मचारियों तथा विभागीय अन्य अनुबंध आधारित कर्मी यथा पाराशिक्षको, ऑगनबाड़ी ,सेविकाओं – मनरेगा कर्मी- कम्प्यूटर ऑपरेटर व स्वास्थ्य विभागीय सेवा , एएनएम तथा ग्रा.वि.वि. ,.षि विभाग-अन्य सक्षम कांट्रेक्टर, पीडीएस दुकानदान, बड़े कृषक परिवार द्वारा स्वयं के संसाधनों से शौचालय का निर्माण तथा उपयोग करें।
श्री सिंह ने कहा कि इस संबंध में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के द्वारा पूर्व में भी मार्गदर्शन जारी किया गया है कि सभी विभागों में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों तथा विभागीय कार्यकर्ताओं(जैसे- शिक्षक,पारा सिक्षक,पंचायत सचिव,जन सेवक,राजस्व कर्मचारी,चौकीदार,रोजगार सेवक, ऑगनबाड़ी सेविका इत्यादि) को अपने घरों में शौचालय का निर्माण कर उसका उपयोग सुनिश्चित करना है। इस संदर्भ में देश के अन्य राज्य जैसे मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़,हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में पहल की गयी है और उसका प्रभाव भी सकारात्मक पड़ा है।

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