विपक्षी पार्टियों ने आंदोलन की साझा रणनीति बनायी

4अगस्त को बड़कागांव में गिरफ्तारी के बाद बड़े आंदोलन की रुपरेखा पर चर्चा
रांची,1अगस्त। भूमि अधिग्रहण, विस्थापन और पुनर्वास समेत अन्य मुद्दों को लेकर आज रांची में सभी प्रमुख विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों की बैठक हुई। बैठक में राज्य में कथित रुप से नियमों की अनदेखी कर किये जा रहे भूमि अधिग्रहण के खिलाफ सभी ने मिलकर अभियान चलाने का निर्णय लिया और व्यापक आंदोलन की रुपरेखा पर चर्चा की गयी।
राजधानी रांची के बिहार क्लब में आयोजित बैठक में झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय , झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय, राजद के प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राणा, भाकपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, माकपा के राज्य सचिव गोपीकांत बक्शी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मनोहर यादव और सामाजिक कार्यकर्त्ता वासवी किड़ो के अलावा जदयू समेत कई अन्य संगठनों के भी प्रतिनिधि मौजूद थे।
इस बैठक में सीएनटी, एसपीटी एक्ट, गैरमजरुआ भूमि, वन अधिकार पट्टा, 2013 भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास एक्ट, हजारीबाग जिले के बड़कागांव, चतरा व कोडरमा जिले में 17 हजार एकड़ जमीन अधिग्रहण के प्रस्तव, बड़कागांव में पुलिसिया दमन, विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं व अन्य के खिलाफ 24 जुलाई को एनटीपीसी द्वारा बड़कागांव में मुकदमा दायर करने, 4 अगस्त को बड़कागांव में प्रस्तावित सत्याग्रह समेत अन्य मुद्ों पर चर्चा हुई।

सरकार ने चुनौती दी है-जोरदार आंदोलन करेंगे-बाबूलाल
झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने बड़कागांव में विपक्षी दलों के चार प्रमुख नेताओं के अलावा 450-500 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किये जाने के मामले में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने विपक्षी दलों को चुनौती देने का काम किया है।उन्होंने कहा कि 4 अगस्त को यदि गड़बड़ करने की कोशिश की जाती है, तो पूरे राज्य में जोरदार तरीके से आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार संवाद नहीं करना चाहती है।

चरणबद्ध तरीके से चक्का जाम समेत अन्य आंदोलन-सुबोधकांत
कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने साझा आंदोलन चलाने लिया है और इस आंदोलन में प्रमुख विपक्षी दलों के अलावा वाम मोर्चा तथा कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि 4अगस्त बड़कागांव में सत्याग्रह के बाद राज्यभर में चक्का जाम आंदोलन चलाया जाएगा, लेकिन इसकी अंतिम रुपरेखा 4 अगस्त को सत्याग्रह के बाद राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदम को देखकर ही किया जाएगा।
भूमिअधिग्रहण को लेकर जनता से राय ली जाए-गौतम सागर राणा
राजद के प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राणा ने मांग की है कि राज्य सरकार और एनटीपीसी बड़ाकागांव में भूमि अधिग्रहण के मसले पर जनता से राय लें, उसके बाद ही अगला कदम उठाये। उन्होंने कहा कि 2 जून को उपायुक्त ने पत्र लिखकर चिता सत्याग्रह में बैठे लोगों को लिखित आश्वासन दिया था कि इस मामले में जनता की राय प्रशासन अवगत होगा।
वृहद आंदोलन का फैसला,नवंबर में मोरहाबादी मै रैली-भुवनेश्वर मेहता
भाकपा के पूर्व राज्य सचिव और पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा है कि गैर कानूनी तरीके से भूमि अधिग्रहण और विस्थापितों की समस्या को लेकर संपूर्ण विपक्ष वृहद जनआंदोलन चलाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी नवंबर महीने में संपूर्ण विपक्ष की ओर से मोरहाबादी मैदान में रैली की जाएगी।
जनवादी शक्तियों को खत्म करने की साजिश-गोपीकांत
माकपा के राज्य सचिव गोपीकांत बख्शी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की ओर से जनवादी शक्तियों को खत्म करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की ओर से नियम-कानून की अनदेखी कर भूमि अधिग्रहण करने की कोशिश की जा रही है, जिसका पूरजोर विरोध किया जाएगा।
भूमि अधिग्रहण 2013 की धारा 24 की उपधारा 2 को लागू करें-वासवी
एचईसी-हटिया विस्थापित संघर्ष मोर्चा की प्रतिनिधि वासवी किड़ो ने राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की धारा 24 की उपधारा 2 को लागू करने की मांग की।

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