रेलवे ने शुरु किया गैर-परंपरागत उर्जा स्रोतों का उपयोग

उच्च गति डिजल में 5 प्रतिशत बायो-डीजल का सम्मिश्रण , 1000 मेगा वॉट सौर उर्जा दोहन का विचार
रेल राज्य मंत्री ने राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी प्रश्न के उत्तर में दी जानकारी
रांची,5अगस्त। भारतीय रेल ने जून, 2015 से परीक्षण आधार पर, कर्षण उद्देश्य के लिए उच्चस गति डीजल (एच.एस.डी) के विकल्प के रुप में बायो-डीजल (डीजल के साथ 5 प्रतिशत सम्मिश्रण) का उपयोग शुरु किया है। इसके अलावा, भारतीय रेल का अगले कुछ वर्षों में रेलवे भवनों/स्टेशनां ेपर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थिपित करके तथा पूरे देश में भूमि आधारित सौर ऊर्जा संयंत्रों के माध्य्म से 1000 मेगा वॉट सौर ऊर्जा दोहन का विचार है। केन्द्रीय रेल राज्य मंत्री राजेन गोहांई ने राज्यसभा में सांसद परिमल नथवाणी द्वारा पूछे गये प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि बायो-डीजल के लिए किसी विशेष धन के आबंटन का विचार नहीं है क्योंकि यह ईंधन लागत का एक भाग है, जिसके लिए बजट में पहले ही प्रावधान है। परिमल नथवाणी रेलवे का डीजल और विद्य्नुत ऊर्जा के विकल्प के तौर पर गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करने के प्रस्ताव और इस संबंध में आबंटित किए जानेवाली निधियां के बारे में जानकारी मांगी थी।
इस संबंध में रेल राज्य मंत्री ने बताया कि यह योजना है कि इसके भाग के रुप में, रेलवे द्वारा बिजली खरीद समझौता (पीपीए) के साथ विकासकर्ताओं के माध्यम से सौर ऊर्जा संयंत्रों को रेलवे भवनों की छतों पर और आंशिक रुप से भूमि आधारित प्रणालियों पर स्थापित किया जाएगा। छतों पर संयंत्रों के लिए, 50 मेगा वॉट सोलर फोटोवोल्टिक इकाइयों के लिए निविदाएं जारी कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय रेल का स्वयं अथवा रेलवे ऊर्जा प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आरईएमसीएल) के माध्यम से लगभग 150 मेगा वॉट पवन ऊर्जा के दोहन का भी प्रस्ताव है। आज तक लगभग 13 एमडब्यूम सौर और 37 मेगा वॉट पवन ऊर्जा संयंत्रों सहित कुल लगभग 50 मेगा वॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित की गई है, ऐसा मंत्रीजी ने बताया।
श्री नथवाणी के और एक प्रश्न के उत्तर में केन्द्रीय रेल राज्य मंत्री ने बताया कि रेलवे सभी स्टेशनों पर पीने योग्य पानी की व्यवस्था करने के लिए प्रयासरत रहती है। पानी की गुणवत्ता की आवधिक जांच के लिए अनुदेश पहले से मौजूद हैं और यदि कोई कमी पाई जाती है, तो सुधारात्मक कारवाई की जाती है।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *