13 नई कोयला वाशरियां होगी स्थापित

राज्य मंत्री ने राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी के प्रश्न के उत्तर में दी जानकारी
रांची,8अगस्त। देश में कोल इंडिया लिमिटेड ने इसकी विभिन्न सहायक कंपनियों में 112.6 मिलियन टन प्रति वर्ष की कुल वाशिंग क्षमता वाली 15 (पंद्रह) कोयला वाशरियां (धोवनशालाएं) स्थापित करने की योजना बनाई है । इनमें से, 6 कोकिंग कोयला वाशरियां 18.6 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता वाली हैं तथा 9 नोन-कोकिंग कोयला वाशरियां 94 मिलयन टन प्रति वर्ष की कुल क्षमता वाली हैं। वर्तमान में, 36.80 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता वाली कोल इंडिया लिमिटेड के अंतर्गत इसकी विभिन्न सहायक कंपनियों के स्वामित्व वाली 15 कोयला वाशरियां कार्यरत है। केन्द्रीय कोयला, विद्य्नुत, नवीन और नवीकरणीय उर्जा तथा खान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पियूष गोयल ने राज्यसभा में आज सांसद परिमल नथवाणी द्वारा पूछे गये प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
पियुष गोयल ने बताया कि कोल इंडिया लिमिटेड और इसकी विभिन्न सहायक कंपनियों के स्वामित्व वाली 15 कार्यरत कोयला वाशरियों में से 12 कोयला वाशरियां झारखण्ड राज्य में स्थित हैं। इसके उपरांत, निजी कंपनियों के स्वामित्व वाली 19 कोयला वाशरियां भी कार्यरत है। परिमल नथवाणी ने प्रचालनरत कोयला धोवनशालाओं का ब्यौरा और उक्त धोवनशालाओं को चलाने के लिए प्रतिवर्ष होने वाले व्यय, देश में उत्पादित कोयले की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए कोयला धोवनशालाओं का निर्माण करने के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं या उठाये जा रहे हैं, और देश में उच्च श्रेणी के कोयले कोई और अधिक मात्रा में उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा किए गए उपाय के बारे में जानना चाहते थे।
उन्होंने बताया कि निम्न ग्रेड के कोयले की गुणवत्ता में सुधार हेतु कोल इंडिया लिमिटेड और इसकी विभिन्न सहायक कंपनियों ने चयनित खनन को सुकर बनाने के लिए अधिक संख्या में सतही खनिको की तैनाती की है। वे एक मीटर से अधिक मोटाई के बैंडों का चयनित खनन करती हैं तथा संदूषण से बचने के लिए ओबी तथा कोयला बैंचों की पसंदगी करती हैं और ब्लास्टिंग से पूर्व कोयला बैंचों की स्क्रैपिंग-सफाई करती हैं।

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