काउंसिल से सुझाव लेकर विकास का रोडमैप तैयार करेंःसीएम

सभी जिलों के उपायुक्तों को दिया आदेश
रांची,9अगस्त। मुख्यमंत्री रघवर दास ने उपायुक्तों को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द अपने-अपने जिले में ट्राइबल डेवलेपमेंट काउंसिल(जनजातीय विकास परिषद) की बैठक करें तथा उनसे विकास हेतु सुझाव लें उनके जरुरत को समझें। उन क्षेत्रों में कल्याण योजनाओं पर फोकस करें। उन क्षेत्रों के विकास के लिए रोडमैप तैयार कर, योजनाओं को क्रियान्वित करें। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के लोग सीधे व सरल होते है, उन्हें जानकारी दें, जागरुक करें, उन्हें भरमाया जाता है। कुछ लोग नहीं चाहते हैं कि जनजाति समाज के लोग आगे बढ़ें, उनके बच्चे भी अच्छी शिक्षा ग्रहण करें और काउंसिल का गठन इसी उद्देश्य से किया गया है। उपायुक्त जनता के साथ संवाद बढ़ायें। मुख्यमंत्री ने डिस्ट्रीक मिनिरल फाउंडेशन (ट्रस्ट) से प्राप्त राशि के लिए योजनाओं की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुये उक्त बातें कही।
रघुवर दास ने कहा कि खदानवाले क्षेत्र के निवासियों को अच्छी सुविधा प्रदान करना हम सबकी जिम्मेवारी है। सरकार की प्राथमिकता है कि उन क्षेत्रों में लोगों को पाइपलाइन के जरीये स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति हो। इससे वहां होनेवाली बीमारियों से काफी हद तक निजात मिल सकेगी। साथ ही खुले में शौचमुक्त झारखंड बनाना हमारी दूसरी प्राथमिकता है। दोनों योजनाएं वैसे ब्लॉक में भी लागू करें, जहां अनुसूचित जाति, जनजाति व गरीब आबादी अधिक हैं। उन्होंने कहा कि जिन बालिका स्कूलों में बाउंड्री नहीं है, वहां बाउंड्री अविलंब करायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही पंचायत सचिवालय के गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी। इसके बाद प्रमंडलवार प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक मुखिया के द्वारा प्रत्येक माह ग्राम सभा की बैठक की जानी है। जो मुखिया प्रत्येक माह ग्राम सभा की बैठक नहीं करेंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसमें गांव को मिलनेवाली राशि व उनके खर्च के लिए जनभागीदारी से योजना बनाने का प्रशिक्षण दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों से कहा कि खदानवाले क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में काम करें। फेज वाइज क्षेत्रों को चयन कर वहां पाइप के जरीये स्वच्छ पेयजल पहुंचाये। इसके लिए राशि की कमी नहीं होने दी जायेगी। आज भी कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां लाल पानी या अशुद्ध पानी पीने के लिए लोग मजबूर हैं। इससे उन्हें कई बीमारियां होती हैं। स्वच्छ पेयजल से इनसे निजात पायी जा सकती है। साथ ही 2018 तक झारखंड को खुले में शौचमुक्त बनाना है। स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दें। स्वास्थ्य केंद्र, उप केंद्र आदि को विकसित करें। जिन जिलों में राशि की कमी होगी, उन जिलों में सी0एस0आर0 से प्राप्त होने वाली राशि उपलब्ध कराई जाएगी। कुपोषण से मुक्ति के लिए जल्द ही पोषण सखी की नियुक्ति होने जा रही है। साथ ही पहले फेज में 12 जिलों में वाहन के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार मुहैया कराया जायेगा। बैठक में विभिन्न जिलों से आए उपायुक्तों ने उस जिला में विकास से संबंधित रोड मैप प्रस्तुत किया।
बैठक में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, अपर मुख्य सचिव आर0के0 श्रीवास्तव, विकास आयुक्त अमित खरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव सुनील कुमार बर्णवाल, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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