पुलिस फायरिंग में दो विस्थापितों की मौत

सीएम ने दिये जांच के आदेश, विपक्ष ने भर्त्सना की,मृतकों के आश्रितों को 10लाख मुआवजा देने की मांग
रांची,29अगस्त।रामगढ़ के गोला प्रखंड अंतर्गत टोनागातू गांव स्थित निजी फैक्ट्री इंडलैंड पावर लि.(आईपीएल) के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर रहे विस्थापितों पर पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गयी। मुख्यमंत्री ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिये है,वहीं विपक्षी दलों ने इसकी तीव्र भर्त्सना करते हुए मृतकों को 10-10लाख का मुआवजा देने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले पिछले चार-पांच दिनों से कंपनी के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके कारण प्रबंधन ने आज पुलिस के सहयोग से भीड़ को हटाने की कोशिश की,तो प्रदर्शनकारी उग्र हो गये। इस गोलीबारी में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि दूसरे की मौत इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के क्रम में हुई। तीन अन्य घायल मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया है।
इधर, पुलिस फायरिंग की घटना से लोगों में भारी आक्रोश है और इलाके में तनाव का माहौल है। आक्रोशित लोगों ने रांची-गोला मुख्य मार्ग को जाम करते हुए सीओ की गाड़ी को जला दिया गया। बताया गया है कि विभिन्न मांगों को लेकर विस्थापितों का आंदोलन कई दिनों से चल रहा था, इसी क्रम में झाविमो नेता राजीव जायसवाल व पार्षद ममता देवी के नेतृत्व विस्थापित ग्रामीण फैक्ट्री गेट तक पहुंचे। मौके पर प्रबंधन के बुलावे पर पहले से ही पुलिस मौजूद थी। पुलिस कर्मियों ने फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर लगाये गये जाम को हटा दिया, इसी से क्षुब्ध विस्थापित सेनेगढ़ा नदी चले गये और वहां फैक्ट्री में पानी सप्लाई के लिए गयी पाईप को तोड़ने लगे। मौके पर पुलिस भी पहुंची और देखते ही देखते तनावपूर्ण स्थिति बन गयी। इस बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस की ओर से फायरिंग की गयी। पुलिस फायरिंग की घटना में दो विस्थापितों की मौत गोली लगने से हो गयी, वहीं पथराव में बीडीओ दिनेश प्रसाद सुरीन समेत कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए। घायल विस्थापितों और बीडीओ को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बरियातु चौक के निकट सीओ शुभ्रा रानी को पहले वाहन से नीचे उतार दिया और वाहन में आग लगा दी, सीओ किसी तरह से वहां से जान बचाकर वहां से निकलने में कामयाब रही। घटना की सूचना मिलते ही एसपी डॉ. एम तमिल वाणन व एसडीओ किरण पांसी पहुंची।पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रामगढ गोलीकांड की घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने आयुक्त हजारीबाग एवं डीआईजी हजारीबाग को इस पूरी घटना की जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
सूत्रों के मुताबिक प्रबंधन के बुलावे पर शांति व्यवस्था कायम करने पहुंची पुलिस को फायरिंग के लिए मजबूर होना पड़ा। इस गोलीबारी में प्रेमचंद महतो की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि एक अन्य मजदूर दशरथ नायक की मौत इलाज के क्रम में अस्पताल ले जाने के क्रम में हुई। पुलिस और मजदूरों के बीच हिंसक झड़प में कई अन्य लोगों के भी घायल होने की खबर है,जिसमें से गंभीर रुप से घायल तीन मजदूरों कोइलाज के लिए अस्पताल में भर्त्ती कराया गया है। वहीं नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने रामगढ़ गोलीकांड की निन्दा करते हुए न्यायिक जांच कराने और मृतक के परिजनों को 10लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। इधर, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने इस गोलीकांड की निन्दा की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत ने मृतकों के आश्रितों को 25-25लाख रु.मुआवजा देने की मांग की है।

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