केंद्रीय टीम ने एम्स निर्माण को लेकर स्थल निरीक्षण किया

उचित व अविलंब मुआवजा भुगतान की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का प्रदर्शन
रांची,9सितंबर। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की उच्चस्तरीय टीम ने आज देवघर जिले के देवीपुर में एम्स निर्माण को लेकर स्थल का निरीक्षण किया, वहीं उचित और अविलंब मुआवजा भुगतान की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने केंद्रीय टीम के समक्ष ही विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि ग्रामीणों ने यह भी साफ किया है कि वे देवघर में एम्स निर्माण के विरोधी नहीं है।
केंद्रीय स्वस्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के विशेषज्ञों की टीम में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के संयुक्त सचिव सुनील शर्मा, योजना के निदेशक सुदीप श्रीवास्तव, एम्स नई दिल्ली, पीजीआई चंडीगढ़ के अधिकारी और आर्किटेक्स शामिल थे। टीम के सदस्यों ने जिला प्रशासन की ओर से देवघर के देवीपुर में एम्स निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल को दिखलाया गया। टीम के दौरे पर पहुंचने की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गये और ग्रामीणों ने वर्तमान दर पर अधिग्रहण की गयी जमीन का मुआवजा भुगतान का आग्रह किया, साथ ही मुआवजे के अविलंब भुगतान की मांग की गयी। बाद में ग्रामीण गेस्ट हाउस में भी आकर केंद्रीय टीम के समक्ष अपनी बातों को रखा और यह स्पष्ट किया कि देवघर में एम्स निर्माण के वे कतई विरोधी नहीं है।
केंद्रीय टीम ने देवीपुर में एम्स निर्माणक े लिए प्रस्तावित भूखंड का निरीक्षण किया और भौगोगिक स्थिति, यातायात के साधन, अन्य आधारभूत संरचना के अलावा पूरे क्षेत्र का जायजा लिया। इसके अलावा टीम के सदस्यों ने स्थानीय अधिकारियों से विचार-विमर्श किया। निरीक्षण के बाद टीम के सदस्य सुनील शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार की अनुशंसा पर ही केंद्रीय टीम स्थल निरीक्षण के लिए पहुंची है और एम्स जैसे संस्थान की स्थापना के मसले पर सभी बातों की समीक्षा के बाद निर्णय लिया जाएगा।
इधर,विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ग्रामीण सीताराम सोलंकी ने बताया कि वे एम्स निर्माण के विरोधी नहीं है, बल्कि ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें मौजूदा दर पर अधिग्रहण की गयी जमीन का मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने क्षेत्र में एम्स स्थापना की सराहना की है। मुआवजा की मांग को लेकर ग्रामीणों ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गयी। ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा अब तक विस्थापितों को मुआवजा नहीं दिया गया है। वहीं जिले के उपायुक्त अरवा राज कमल ने कहा है कि ग्रामीणों की सभी उचित मांगों पर प्रशासन तत्परतापूर्वक कार्रवाई कर रहा है।

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