पूर्व झामुमो विधायक अकील अख्तर पर अवैध रुप से मकान बनाने का आरोप

मुख्यमंत्री जन संवाद केन्द्र में 12 शिकायतों का निबटारा
रांची,27सितंबर। मुख्यमंत्री जन संवाद केन्द्र की सूचना भवन में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में 12 शिकायतों की समीक्षा की गयी। साप्ताहिक समीक्षा बैठक में शिकायतों की समीक्षा मुख्यमंत्री सचिवालय के उप सचिव अशोक कुमार खेतान ने की। उन्होंने शिकायतों की समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को विशेष दिशा – निर्देश भी दिये। हजारीबाग के ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित पुना गांव से एक शिकायतकर्ता ने शिकायत की थी कि तालाब गहरीकरण कार्य के लिए रोजगार सेवक बालेश्वर साव के देख-रेख में 1 जून को कार्य प्रारँभ किया गया, जिसकी प्राक्कलित राशि 16 लाख रुपये थी, पर यहां मात्र 5 लाख रुपये ही मात्र खर्च किये गये, जिस संबंध मे एक सप्ताह के अंदर जांच कराने के आदेश दिये गये। गिरिडीह के किसगो के किशुन रवि दास द्वारा इलाज के लिए राशि की मांग किये जाने पर उन्हें 2 से 3 दिन के अंदर भुगतान कर दिये जाने की बात कही गयी। साहेबगंज में पूर्व विधायक अकील अख्तर द्वारा गैर मजरुआ जमीन पर कब्जा किये जाने के मामले आने पर वहां के सीओ ने एक सप्ताह के अंदर उक्त जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा लेने की बात कही। पलामू के जपला में फर्जी तरीके द्वारा गलत उम्र दिखाकर वृद्धावस्था पेंशन लिये जाने पर श्री खेतान ने इसकी जांच कराने और गलत लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया। रामगढ़ के पतरातू गांव लिफ्ट एरिगेशन की सुविधा दी गयी पर मशीन व पाइप नहीं लगाने से किसानों को सुविधा नहीं मिल पा रही, जिस पर नोडल अधिकारी ने इस संबंध में सारे कार्य 15 दिनों के अंदर अनुपालन करा लेने की बात कही। पाकुड़ के बेलपोखर में अतिक्रमण किये जाने पर नोडल अधिकारी का कहना था कि इसकी नापी एक सप्ताह के अंदर करा जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा लिया जायेगा। ज्ञातव्य है कि यह मामला 2 अगस्त को मुख्यमंत्री के सीधी बात कार्यक्रम में भी उठ चुका है।
चतरा के मनोज कुमार झा से संबंधित मामले में ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन पर 31 लाख रुपये के गबन का आरोप है, फिर भी इन्हें जीवन यापन भत्ता का भुगतान करने के आदेश दे दिये गये है। गोड्डा के घझन्दा के जमीन मामले, जामताड़ा के कुंडहित के किसानों के बकाये के मामले, दुमका के जितेन्द्र गिरी से संबंधित मामले और हजारीबाग नगर विकास विभाग के डा. विश्वनाथ प्रसाद के मामले भी समीक्षा बैठक में उठे, जिसका उचित समाधान निकालने के दिशा-निर्दश दिये गये।

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