पुलिस व भू रैयतों के बीच हिंसक झड़प, चार की मौत

कई अन्य ग्रामीण व पुलिसकर्मी घायल
img-20161001-wa0001रांची,1अक्टूबर। झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव में एनटीपीसी( राष्ट्रीय ताप विद्युत  निगम) के खिलाफ भू रैयतों का चल रहा आंदोलन आज हिंसक रुप ले लिया। ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई झंड़प में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गयी, वहीं डेढ़ दर्जन ग्रामीण और एएसपी समेत कई पुलिस के जवान घायल हो गये। मृतकों की संख्या में बढ़ोत्तरी की आशंका व्यक्त की जा रही है।

विधायक निर्मला देवी को हिरासत में लेने से भड़का गुस्सा
बड़कागांव के भू रैयत मुआवजा समेत अन्य मांगों को लेकर 15 सितंबर से कफन सत्याग्रह आंदोलन पर है। बताया गया है कि शुक्रवार रात कंपनी के लोग खनन करने जा रहे थे, तो मौके पर मौजूद निर्मला देवी और प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोक दिया गया। एनटीपीसी द्वारा इसकी पुलिस को सूचना दी गयी और शनिवार सुबह साढ़े चार बजे मौके पर पहुंची पुलिस ने निर्मला देवी को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस-प्रशासन के लोग विधायक को हिरासत में लेकर कफन सत्याग्रह को समाप्त कराना चाहते थे।img-20161001-wa0002

पांच ग्रामीणों को गोली लगी,चार की मौके पर ही मौत
विधायक की गिरफ्तारी की जानकारी जब रैयतों को मिली, तो वे आक्रोशित हो गये और चिरुडीह- ढाढी गांव के निकट पुलिस को घेर लिया। इस दौरान पुलिस और रैयतां के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें पांच ग्रामीणों को पुलिस की गोली लगी, जिसमें से चार की मौके पर ही मौत हो गयी। इस झड़प में कई 35 अन्य ग्रामीण घायल हो गये, वहीं एएसपी समेत सात पुलिसकर्मी भी घायल हो गये। इस पथराव में एएसपी ऑपरेशन कुलदीप कुमार, बड़कागांव के अंचल अधिकारी शैलेश कुमार सिंह और थाना प्रभारी अखिल अहमद समेत कई जवान गंभीर रुप से जख्मी हो गये। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की ओर से पहले लाठीचार्ज किया गया और इसके बावजूद भी जब लोग नहीं माने, तो पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस फायरिंग में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गयी , हालांकि जिला प्रशासन की ओर से अभी दो लोगों के मौत की ही पुष्टि की गयी है।

एएसपी व सीओ समेत चार को हेलीकॉप्टर से रांची लाया गया
इस हिंसक झड़प में एएसपी व सीओ के सिर में गंभीर चोट है, उन्हें हेलीकॉप्टर से रांची बेहतर इलाज के लिए लाया गया। दो अन्य जवानों को भी हेलीकॉप्टर से रांची लाकर मेडिका में भर्त्ती कराया गया है। जबकि अन्य घायलों को स्थानीय सदर अस्पताल में भर्त्ती कराया गया है। इधर,पुलिस का कहना है कि ग्रामीण निर्मला देवी को हिरासत से छुड़ा ले गये, जबकि विधायक निर्मला देवी के पुत्र का कहना है कि पुलिस ही बता सकती है कि वह कहां है। घटना के बाद स्थिति तनावपूर्ण है, उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक खुद सारी स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे है और बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गयी है।घटना के विरोध में लोग सड़क पर उतर आये और बाजार बंद है, सड़क जाम कर दिया गया है।img-20161001-wa0069

भीड़ के उग्र होने से स्थिति बिगड़ी
इधर,पुलिस प्रवक्ता एम.एस. भाटिया ने बताया कि पुलिस विधायक निर्मला देवी को हिरासत में लेकर थाने आ रही थी, इसी दौरान प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पुलिस की गाड़ी को रोका और एएसपी एवं सीओ को बंधक बना लिया। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार भीड़ ने उनकी बुरी तरह से पिटाई की, इसके बाद वे बेसुध हो गये । बाद में पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। एमएस भाटिया ने बताया कि पहले दो वाहनों में दंडाधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल विधायक को गिरफ्तार कर थाने ला रही थी, लेकिन रास्ते में करीब 100 की संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन के वाहन को रोक दिया। उन्होंने बताया कि एक वाहन में विधायक व जवान बैठे, दूसरे में दंडाधिकारी व पुलिस अधिकारी बैठे। ग्रामीणों ने विधायक को छुड़ा लिया, जबकि अधिकारियों को जबरन वाहन से उतार कर अपने साथ ले जाने की कोशिश की। इस बीच सूचना मिलने पर अतिरिक्त बल भेजा गया और जान पर बन आने के कारण बल प्रयोग के लिए बाध्य होना पड़ा। वहीं हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक भीमसेन टूटी ने बताया कि 28 सितंबर को भी प्रदर्शनकारियों द्वारा कंपनी की पांच मशीन को रोक लिया गया था और कल भी विधायक के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने चार पोकलेन मशीन को रोक दिया। इस संबंध में एनटीपीसी की ओर से प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी,जिसके बाद दंडाधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल विधायक व प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर थाने ला रहे थे, लेकिन रास्ते में ही ढाढी गांव के निकट प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ी को रोक कर लिया और हंगामा किया।img-20161001-wa0071

शव के साथ प्रदर्शन,सड़क जाम
भू रैयतों व पुलिस के बीच हिंसक झड़प के बाद जिला प्रशासन की ओर से धारा 144 लागू कर दी गयी है, लेकिन इसके बावजूद हजारों की संख्या में ग्रामीण शव के साथ प्रदर्शन कर रहे है और सड़क जाम कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे है। प्रदर्शनकारियों द्वारा कई पुलिस वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि झड़प में घायल तीन अन्य लोगों का भी अब तक कोई सुराग नहीं मिल रहा है और उन्हें पुलिस-प्रशासन ने कहा रखा है,इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है।img-20161001-wa0072

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