नीतीश ने किया सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का विरोध

रघुवर पर साधा निशाना,कहा-बाहर से आकर बसने वाला यहां के साथ न्याय नहीं कर सकता
रांची,26अक्टूबर। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संतालपरगना काश्तकारी अधिनियम (एसपीटी) और छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम(सीएनटी) ने प्रस्तावित संशोधन अध्यादेश का विरोध किया है और कहा कि यह कानून जनजातीय समुदाय और यहां के लोगों के हितों की रक्षा को लेकर बनाया गया था और इससे विकास कार्य में कोई बाधा उत्पन्न नहीं हो रहा है। नीतीश कुमार दुमका में झारखंड विकास मोर्चा और जनता दल यूनाईटेड की ओर से आयोजित दो दिवसीय महाधरना कार्यक्रम के दूसरे दिन आज सभा को संबोधित कर रहे थे।
नीतीश कुमार ने कहा कि आदिवासी और मूलवासियों के हितों की रक्षा के बिना झारखंड का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की विकास की परिभाषा ही गलत है, चंद औद्य्नोगिक इकाई लग जाना विकास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अब भी झारखंड में बाहरी नेता ही शासन कर रहे थे, यही होना था, तो फिर बिहार से झारखंड राज्य के अलग होने का कोई फायदा नहीं मिल सकता है। उन्होंने बाबूलाल मरांडी के कार्यकाल को याद कर जमकर तारीफ की। नीतीश कुमार ने बताया कि जब वे रेलमंत्री थे, तो बाबूलाल मरांडी ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में झारखंड की रेल परियोजनाओं को लेकर बात की और उस वक्त झारखंड पहला राज्य था, जिसने रेल परियोजनाओं के लिए सहायता राशि देने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि बाहर से आकर बस जाने वाला यहां के साथ न्याय नहीं कर सकता। बाबूलाल मरांडी के मुख्यमंत्री बनने पर ही झारखंड का विकास होगा। खूंटी और बड़कागांव में हुए हालिया गोलीकांड पर कटाक्ष करते बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां जो लोग अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करते हैं, उनपर गोलियां चलती हैं। उन्होंने दावा किया कि वह दिन दूर नहीं जब राज्य की जनता बाबू लाल मरांडी के हाथ में सत्ता की बागडोर सौंप देंगी।
इस मौके पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड सरकार किसानों का नहीं बल्कि उद्य्नोग घरानों का हित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का फैसला आनन-फानन में अध्यादेश लाकर लिया गया। उन्होंने कहा कि झारखंड के हालात ऐसे है कि यहां मूलवासी और आदिवासियों को तृतीय व चतुर्थ वर्ग की नौकरी भी नहीं मिल रही है। इस मौके पर झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि पार्टी की लड़ाई उस व्यवस्था से है जो नौजवानों का हक छीन रही है। उन्होंने कहा किझाविमो पूर्ण शराबबंदी का पक्षधर है। उन्होंने हाल के दिनों में पुलिस फायरिंग की तीन घटनाओं की न्यायिक जांच की मांग की। कार्यक्रम को राज्यसभा सांसद हरिवंश, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष जलेश्वर महतो और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने भी संबोधित किया।
गौरतलब है कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन को निरस्त करने, गोली कांडों की न्यायिक जांच कराने, दुमका में हाईकोर्ट के खंडपीठ की स्थापना, ऊर्जा नीति के साथ बदलाव की वापसी सहित 33 सूत्री मांगों के समर्थन में झारखंड विकास मोर्चा और जदयू की ओर से दुमका में दो दिवसीय महाधरना का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

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