“नुआग्राम“ गांव बनेगा कैशलेस विलेज, कवायद शुरु

मोबाइल बैंकिंग से मुद्रा आदान -प्रदान हेतु ग्रामीण हुए एकमत
रांची,20नवंबर। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड का नुआग्राम गांव जल्द ही कैशलेस ट्रांसेक्शन विलेज का उदाहरण बनेगा। यह गांव ऐसी पहल करने वाला संभवतः राज्य का पहला गांव होगा। यहां के ग्रामीण कागजी मुद्रा का प्रयोग न्यूनतम कर मोबाईल बैंकिंग, ऑनलाइन बैंकिंग तकनीको को उपयोग करेंगे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिला सूचना जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार ने आज ग्रामीणों के बीच पहुचकर लोगों को वर्चुअल मनी ट्रांसफर की तकनीकों से अवगत कराते हुए बताया कि अग्रणी बैंक की मदद से गांव के सभी खाता धारकों को कैंप लगाकर जल्द ही मोबाइल बैंकिंग की सुविधा दिला दी जाएगी। साथ ही उन्हें विधिवत प्रशिक्षित भी किया जायेगा ताकि उन्हें मोबाईल बैंकिंग प्रयोग में कोई दिक्कत न हो। संजय कुमार के प्रस्ताव को एकमत से सभी उपस्थित ग्रामीणों ने स्वीकार करते हुए बताया कि उनके गांव के लगभग 20 प्रतिशत लोग पहले से ही ऑनलाइन बैंकिंग ,मोबाइल बैंकिंग और एयरटेल मनी जैसी तकनीकों को प्रयोग करते हैं। गांव के प्रतिष्ठित चिकित्सक जयंता डे ने कहा कि उनका गांव आधुनिक तकनीक के साथ चलने का पक्षधर है इसलिए कैशलेस विलेज के प्रस्ताव को सहर्ष स्वीकार करते हैं।

कैशलेस विलेज के मॉडल के लिए “नुआग्राम“ का ही चयन क्यों
संजय कुमार ने नुआग्राम गांव के चयन के पीछे जो कारण बताये उनमे प्रमुख है यहाँ के 90प्रतिशत प्रतिशत पुरुषों का साक्षर होना मोबाईल फ्रेंडली होना, सड़क मार्ग से सुगम संपर्क , गांव से 2 किमी के दायरे में पांच बैंक शाखायें होना और सबसे बड़ा कारण गांव के लोगो का नवाचारी तकनीक को अपनाने के प्रति उत्साही होना बताया। यहाँ की मुखिया सावित्री सरदार ने सूचना प्रौद्य्नोगिकी में डिप्लोमा किया हुआ है और गांव के पारंपरिक प्रधान सरोज कुंडू सेवानिवृत्त प्रिंसिपल हैं। इसलिए पढ़े लिखे जनप्रतिनिधियों के समन्वय एवम सहयोग से कैशलेस विलेज जैसा नवाचारी कार्य क्रियान्वित करना अपेक्षा.त आसान होगा।

आंकड़ों की ॰ष्टि में नुआग्राम
पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिला मुख्यालय से 27 किमी दूर पोटका प्रखंड में हाता हल्दीपोखर मार्ग पर स्थित नुआग्राम की वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार जनसंख्या 552 है। कुल 118 परिवारों वाले इस गांव में 245 की संख्या में कमाने वाले सदस्य हैं शेष संख्या आश्रितों की है। सामाजिक संरचना के अनुसार यहाँ 42.57 प्रतिशत लोग जनजाति समुदाय के जबकि 3 प्रतिशत लोग अनुसूचित जाति के हैं। पुरुष साक्षारता लगभग 90 प्रतिशत है। गांव के कई लोग बाहर अच्छे अच्छे पदों पर हैं। बीएसएनएल में कार्यरत तथा ख्याति प्राप्त साहित्यकार सुनील कान्त डे बताते हैं कि उनके इस छोटे से गांव नुआग्राम के कई प्रतिभाशाली लोग देश के अन्य हिस्सों में डॉक्टर ,इंजिनीयर ,प्रोफेसर और वैज्ञानिक जैसे पदों पर कार्यरत हैं।

मौजूद थे
इस अवसर पर समाजसेवी वीरेंद्र कुमार सिंह , मुखिया सुमित्रा सरदार, ग्राम प्रधान सरोज कुंडू , पूर्व मुखिया उपेंद्र नाथ सरदार , डॉक्टर जयंतो डे , बीस सूत्रीय के प्रखंड अध्यक्ष अमित कुमार , सहदेव मोदी , बिनोद शर्मा , पंकज सरदार , उत्पल मंडल , अनूप कुमार मंडल , सुशांत डे ,सुब्रतो डे , अनूप कुंडू , गोरव घोष आदि मौजूद थे।

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