5000 बागवान मित्र का होगा चयन

बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता, पहली बार 3लाख क्विंटल उत्पादन, किया जायेगा प्रशिक्षित, बंजर भूमि को बनाया जायेगा उपजाऊ
रांची,19जवरी।राज्य की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने निर्देश दिया है कि विशेष फसल योजना को सफल बनाने के लिये राज्य के विभिन्न जिलों में अलग-अलग फसलों की खेती हेतु वातावरण के अनुकूल योजना तैयार की जाय। उन्होंने कहा कि मूंगफली, राजमा, तिल आदि की खेती के लिये कलस्टर वार योजना बनायें तथा सुनिश्चित करें कि सभी प्रखंडों में 50-50 हेक्टयेर के कलस्टर की कार्ययोजना बने ताकि अगले वित्त वर्ष में खेती का कार्य समय पर प्रारंभ किया जा सके। श्रीमती वर्मा आज कृषि विभाग के पदाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दे रही थी।
राजबाला वर्मा ने कहा कि गढ़वा, लातेहार, दुमका सहित कई ऐसे जिले हैं जहां विशेष फसल का उत्पादन किया जा सकता है तथा रकवा क्षेत्र का विस्तार भी किया जा सकता है, उन जिलों का डाटा तैयार करें तथा भविष्य में कितनी पैदावार बढ़ाई जा सकती है, इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजें। समीक्षा के क्रम में मुख्य सचिव द्वारा निर्देशित किया गया कि रासायनिक खाद की अनुज्ञप्ति आर्या में लगे युवकों दें साथ ही मुद्रा योजना के साथ उनकी टैगिंग सुनिश्चित की जाय। विभाग द्वारा बताया गया कि अब तक आर्या के 400 युवकों को खाद की अनुज्ञप्ति दी जा चुकी है तथा मुद्रा योजना के साथ टैग करने की प्रक्रिया चल रही है।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य पहली बार बीज उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर होने की दिशा में कदम आगे बढ़ा रहा है। पहली बार राज्य में 3 लाख क्विंटल बीजों का उत्पादन हुआ है जो पिछले वर्ष (1 लाख क्विटंल बीज) उत्पादन से तीन गुना ज्यादा है। बैठक में निर्देश दिया कि बीज अधिप्राप्ति हेतु कार्रवाई प्रारंभ की जाये तथा सभी बीज उत्पादकों को बीज अधिप्राप्ति का भुगतान डीबीटी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी बीज उत्पादकों का बैंक खाता नंबर तथा मोबाईल नंबर संग्रह करें तथा आधार सीडिंग का कार्य पूर्ण किया जाय। श्रीमती वर्मा ने बंजर भूमि को उपजाउ बनाने हेतु निदेशित किया कि राज्य में जितनी भी बंजर भूमि है उसकी ग्रामवार प्रोफाईलिंग करें तथा उसमें जुताई का काम प्रारंभ करें ताकि आने वाले खरीफ मौसम में खेती का कार्य सुनिश्चित किया जा सके। राज्य में बागवानी को बढ़ावा देने के लिये राज्य में बागवान मित्र बहाल किये जाने को निदेश देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की मिट्टी उद्य्नानिकी के लिये अत्यंत उपयुक्त है तथा इसके चहूंमुखी विकास हेतु मानव बल की आवश्यकता है। उन्होंने निदेश दिया कि राज्य भर में 5000 बागवान मित्र का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाय इससे झारखंड के युवाओं का कौशल विकास तो होगा ही साथ ही स्वनियोजित हो आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे। साथ ही निदेशित किया गया कि मृदा परीक्षण हेतु पूरे राज्य में अभियान चलाया जाय। बैठक में 500 नये बीज ग्राम बनाने का लक्ष्य सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को दिया गया ताकि 5000 क्विंटल तक फाउंडेशन सीड का उत्पादन किया जा सके।
बैठक में सचिव कृषि विभाग नीतिन मदन कुलकर्णी, विशेष सचिव पूजा सिंघल, निदेशक राष्ट्रीय बागवानी मिशन राजीव कुमार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

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