गव्य पालन को कृषि का मिला दर्जा

रांची,27जनवरी। झारखंड सरकार ने गव्य पालन को कृषि का दर्जा प्रदान किया है। मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में आज रांची में हुई में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गयी।
मंत्रिपरिषद की बैठक समाप्त होने के बाद कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव सुरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि गव्य पालन को कृषि का दर्जा दिये जाने से पशुपालकों और दुग्ध उत्पादन करने वाले किसानों को गव्य पालन के लिए कृषि दर पर बैंकों से ऋण की सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा गव्य पालन व उससे संबंधित इकाई की स्थापना के लिए बिजली आपूर्ति में भी छूट मिलेगी। वहीं गव्य पालन के लिए किसानों को किसान क्रेडिट कार्य की भी सुविधा मिलेगी। जबकि बैंकों को भी प्राथमिकता क्षेत्र में गव्य पालन के लिए ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाएगा और अन्य फायदे में भी मिलेंगे।
नौकरी में स्थानीय को प्राथमिकता देने का निर्देश
जिला स्तरीय पदों पर नियुक्ति में स्थानीय नीति का अनुपालन सुनिÜचत कराने के लिए कार्मिक विभाग की ओर से आज एक और आदेश जारी किया गया है। राज्य सरकार की ओर से पिछले वर्ष अप्रैल महीने में स्थानीय निवासी को परिभाषित किया गया था, जिसके आधार पर जिला स्तरीय पदों पर स्थानीय को प्राथमिकता दी जानी है, इसके बाद जुलाई में अनुसूचित जिलों में होने वाली 10वर्षां की नियुक्तियों में स्थानीय निवासी को ही प्राथमिकता देने और नवंबर में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने संबंधी एक अन्य प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी है।
सीएम सोशल मीडिया के लिए 9पदों का सृजन
मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया सेल का गठन को-टर्मिनस के आधार पर करने का निर्णय लिया गया है और इसके लिए नौ पदों के सृजन को मंजूरी दी गयी है। इसके तहत एक निदेशक,, सहायक निदेशक, ग्राफिक्स मैनेजर, रिसर्ज मैनेजर और सोशल मीडिया एंड पब्लिसिटी ऑफिसर का पद शामिल है।
बिजली बिल अब 25 तक बिना विलंब शुल्क के जमा होंगे
राज्य में बिजली बिल अब महीने की 15तारीख के बजाय 25 तारीख तक बिना विलंब शुल्क के जमा किये जा सकेंगे। इसके लिए विद्य्नुत नियमावली 1949 की धारा 7 में आंशिक संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी है।
मुख्यमंत्री लघु-कुटीर उद्य्नम विकास बोर्ड को मंजूरी
राज्य सरकार ने पूर्व में झारखंड कुटीर-लघु उद्य्नोग विकास बोर्ड के गठन का निर्णय लिया था, अब इस बोर्ड का नाम मुख्यमंत्री लघु-कुटीर उद्य्नम विकास बोर्ड होगा। इस आशय के प्रस्ताव पर घटनोत्तरी मंजूरी प्रदान कर दी गयी। एक अन्य प्रस्ताव में जिला स्तरीय फाउण्डेशन ट्रस्ट के अंतर्गत प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के लिए योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति देने की सीमा का पुनःनिर्धारण किया गया है, जिसके तहत उपायुक्त को 1 करोड़ तक की योजना और आयुक्त की जगह जिला खनिज प्रबंधन समिति को एक करोड़ से 50करोड़ की योजना स्वीकृत करने का अधिकार दिया गया है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत 16पदों का सृजन
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में राज्य स्वास्थ्य भारत मिशन के किर्यान्वयन के लिए संविदा के आधार पर 16 पदों के सृजन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। जबकि अखिल भारतीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों को सातवां वेतन आयोग की सिफारिश के तहत पेंशन देने के लिए 1.42 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गयी।
कोयला खनन के लिए सीसीएल 24.8एकड़ जमीन
लातेहार जिले के बालूमाथ अंचल के तेतरिया मौजा में कोल परियोजना के लिए 24.8एकड़ जमीन सेंट्रल कोल्डफील्ड्स लिमिटेड(सीसीएल) को कोयला खनन के लिए दी गयी। यह जमीन 30वर्षां के लिए 4.6करोड़ रु. की राशि लेकर लीज पर दी गयी है। जमशेदपुर के पोटका अंचल के हल्दीपोखर मौजा में आदर्श ग्रामीण बैंक की स्थापना के लिए 10.26डिसमिल जमीन बैंक ऑफ बड़ौदा को दी गयी, जबकि लोहरदगा के सेन्हा में 9.93एकड़ गैरमजरुआ परती जमीन केंद्रीय विद्य्नालय के लिए निःशुल्क देने और खूंटी अंचल के डुमरडगा मौजा में 10डिसमिल जमीन गैर मजरुआ खास जमीन केंद्रीय स्कूल की स्थापना के लिए केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।
बिरसा कृषि विवि में शिक्षकों की नियुक्ति में स्थानीय को प्राथमिकता
बिरसा कृषि विश्वविद्य्नालय के तहत शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति में स्थानीय को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है, इसके तहत नियुक्ति नियमावली में संशोधन दिया गया है और आदिम जनजाति के लिए 2 प्रतिशत तथा विकलांगों के लिए 3 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गयी है।
छह प्रखंडों में लिफ्ट एरिगेशन के लिए 20करोड़ स्वीकृ
राज्य के चयनित छह प्रखंडों खूंटी, गोला, सतबरबा, जामा, अनगड़ा और बेंगाबाद में में कृषि उत्पादन के प्रोत्साहन के लिए वित्तीय वर्ष 2016-17 में उपबंधित कुल राशि 100 करोड़ मे से सम्भावित व्यय 20 करोड़ की लागत पर लघु एवं सीमान्त किसान के लाभार्थ समुदाय द्वारा प्रबंधित सिंचाई प्रणाली आधारित लघु लिफ्ट सिंचाई योजना कार्यान्वयन की स्वीकृति दी गयी है। इसके सुपरविजन और अन्य कार्यां के लिए पदों का सृजन भी किया गया है।
झारखंड भवन में सांसद कोषांग का गठन
राज्य के सांसदगण (लोक सभा व राज्य सभा) के लिए झारखण्ड भवन, नई दिल्ली में एक सांसद कोषांग के गठन का निर्णय लिया गया है। सांसद कोषांग के माध्यम से सांसदों को राज्य में चल रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी और सांसदों से संबंधित योजनाओं से भी राज्य सरकार से पत्रकार की जाएगी। इसके लिए उप सचिव और कंप्यूटर ऑपरेटर के पद का सृजन किया गया है।
देवघर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 593.39करोड़
देवघर नगर निगम में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट(ठोस अपशिष्ट प्रबंधन) योजना की कुल लागत राशि 59339.96 लाख पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके लिए केन्द्रांश से कुल 1966.53 लाख एवं राज्यांश मद से 14019.92 लाख निकाय को 20 वर्षों में अनुदान देने एवं कार्य करने की स्वीकृति दी गयी है।
17जिलों में तेजस्विनी योजना लागू
राज्य के 17 जिलों में तेजस्विनी योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके जिलए जिला समन्वयक कार्यक्रम पदाधिकारी समेत 48पदों का सृजन किया गया है। राज्य के सात जिलों रांची, हजारीबाग, गिरिडीह, गढ़वा, गुमला, साहेबगंज व पिÜचमी सिंहभूम जिले में पहले ेस ही राजीव गांधी किशोरी सु॰ढ़ीकरण योजना चल रही है।
15पुल निर्माण के लिए 47.36करोड़ मंजूर
ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत 15 पुलों के निर्माण के लिए 47.36करोड़ रु की योजना को स्वीकृति दे दी गयी है और इसके लिए नाबार्ड से ऋण लेने के प्रस्ताव को को भी मंजूरी दे दी गयी।

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