एक लाख महिला उद्यमियों को मिलेगा निःशुल्क मोबाईलःसीएम

राज्यपाल आजीविका महिला महासम्मेलन किया उद्घाटन, राज्यस्तरीय महिला समाचार पत्र जल्द शुरु होगा ,मातृत्व लाभ 6000रु मिलेगा

रांची,8मार्च। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आज राजधानी रांची समेत राज्यभर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राजधानी रांची के जवाहर स्टेडियम सेक्टर-3 में आयोजित आजीविका महिला महासम्मेलन का उदघाटन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने समारोह को संबोधित करते हुए एक लाख महिला उद्यमियों को निःशुल्क मोबाईल दिये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एक लाख उद्य्नमी सखी को निःशुल्क मोबाईल देने से डिजिटल झारखण्ड एवं कैशलेस अभियान को सुदूरवर्ती गांवों में भी बढ़ावा मिलेगा। उद्य्नमी सखी मंडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 600 करोड़ की तेजस्विनी योजना एवं 1400 करोड़ के जोहार योजना का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में गर्भवती माताओं को 6000 रुपया मातृत्व लाभ की राशि मिलेगी। पहले कुछ जिलों में गर्भवती माताओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। कृषि, मत्स्य, पशुपालन एवं बागवानी की सरकारी योजनाओं में अनुदान की राशि डी0बी0टी0 के माध्यम से सीधे सखी मंडलों के खाते में जमा होगी। ग्राम पंचायतों की स्थायी समिति में ग्राम संगठनों की दीदीयों का प्रतिनिधित्व 33 प्रतिशत होगा। सखी मंडलों द्वारा उत्पादित सामग्रियों की बिक्री व मार्केटिंग के लिए 17 करोड़ रु. की लागत से अरबन हाट का निर्माण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व बैंक के सहयोग से तेजस्विनी योजना के अन्तर्गत 17 जिलों में 14-24 वर्ष आयुवर्ग की किशोरी बालिकाओं का सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण किया जाएगा। इनको अनौपचारिक शिक्षा का विकल्प उपलब्ध कराकर माध्यमिक शिक्षा पूर्ण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा तथा बाजार की मांग के अनुरुप कौशल विकास किया जाएगा। किशोरी बालिकाओं को समूह में संगठित कर प्रत्येक 2 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर एक तेजस्विनी क्लब स्थापित की जाएगी। शिक्षा तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण के सभी पाठ्यक्रमों को पूरा करने के उपरांत सफल लाभुकों को 10 हजार रु0 की प्रोत्साहन राशि उनके बैंक खाते में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 1400 करोड़ की जोहार योजना का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है, गरीब की जिंदगी में बदलाव लाना है। इस योजना के तहत अपना व्यापार करने-कुटीर उद्य्नोग स्थापित करने/लघु उद्य्नोग स्थापित करने के लिए राशि मुहैया की जाएगी।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रुप से सशक्त बनाने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना जरुरी है। इसके लिए केन्द्र और राज्य सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश की महिलायें हमेशा से सशक्त और सबल रहीं हैं लेकिन बदलते वक्त ने महिलाओं के सम्मान को धूमिल कर दिया था। आज महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रुप से मजबूत करने की जरुरत है। जिसके लिये सरकार और समाज को मिल कर काम करना होगा। उन्होंने महिला महासम्मेलन में आयी महिला सखी मंडल के सदस्यों से आग्रह किया कि वे सरकार की योजनाओं को घर घर तक पहुंचाने में मदद करें और देश के विकास में भागीदार बनें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि पिछले महासम्मेलन में विभाग ने राज्य के 36000 गांवों में कुल 2 लाख सखी मंडल बनाने का लक्ष्य तय किया था और एक साल के अंदर ही 72000 महिला सखी मंडल बना लिया गया है जो मार्च तक 80000 का आंकड़ा पार कर जायेगा। वहीं उन्होंने महिला सखी मंडल के लिए सभी पंचायत भवनों में एक कमरा मंडल को देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि राज्य का विकास महिलाओं के विकास से जुड़ा है। सरकार महिलाओं को अपने लाभकारी योजना के माध्यम से आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की मंत्री लुईस मरांडी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुरु हुए तेजस्वनी योजना की सफलता महिलाओं पर निर्भर करती है। यह योजना राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। श्रीमती मरांडी ने कहा कि सभी को विकास में भागेदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम में महिला सखी मंडल के प्रतिनिधियों को महिला दिवस की शुभकामना देते हुए मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने कहा मुख्यमंत्री की सोच है कि झारखण्ड की तरक्की, यहां की महिलाओं की तरक्की से ही होगी। यही कारण है कि महिला के विकास के लिए योजनाएं बनायी जा रही है। सखी मंडल को सरकार के सभी योजनाओं के साथ जोड़ा जा रहा है। महिला देश की आधी आबादी है उनको सशक्त बनाये बिना देश एवं राज्य का विकास नहीं हो सकता है। श्रीमती वर्मा ने राज्य से डायन प्रथा को खत्म करने की बात भी कही।
सम्मेलन में अपर मुख्य सचिव अमित खरे, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास एन0एन0सिन्हा, प्रधान सचिव महिला एवं बाल विकास एम0एस0भाटिया, विशेष सचिव ग्रामीण विकास परितोश उपाध्याय, जिला समाज कल्याण पदाधिकारीगण, लाडली लक्ष्मी योजना एवं कन्यादान योजना के लाभुकगण एवं राज्य के विभिन्न जिलों से आये महिला संगठनों की माताएं-बहनें एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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