सीएस व डीजीपी ने सरयू एक्शन प्लान की समीक्षा की

रांची,15मार्च। मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने लातेहार जिला में सरयू एक्शन प्लान की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निदेश देते हुए कहा कि विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने में किसी प्रकार की स्थिलता एवं कोताही नही होनी चाहिए। विकास का लाभ गांव के प्रत्येक घर तक पहुंचे, इसे अधिकारी सुनिश्चित करें। श्रीमती वर्मा ने बुधवार को लाहेतार में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को जरुरी दिशा निदेश दिये। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य को को भी बच्चा अनपढ़ न रहे। लातेहार जिला के 38 गांवों का डोर टू डोर सर्वेक्षण कर प्रोफाइल तैयार हो और यह कोशिश की जानी चाहिए कि वे सभी बच्चे स्कूल तक वापस आयें, जो किसी कारण से स्कूल छोड़ चुके है। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए सीआरपी, बीआरपी तथा पंचायत सचिवालय के स्वयं सेवकों को लगा कर उनका नामांकन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्य्नालय या अन्य आवासीय विद्य्नालयों में हो सके। उन्होंने जिला शिक्षा अधीक्षक को निदेश दिया कि वे विद्य्नालय प्रबंधन समिति के प्रशिक्षण की व्यवस्था अविलम्ब करें ताकि वे सुचारु रुप से स्कूलों पर नियंत्रण रखते हुए तालमेल के साथ काम को पूरा करें।
श्रीमती वर्मा ने कहा कि स्कूलों की अव्यवस्था के लिए मुखियाओं पर भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के असैनिक शल्य चिकित्सक से कहा कि चिन्हित क्षेत्र के कुल पांच हजार घरों में डोर टू डोर सर्वेक्षण कराकर सूची तैयार करें ताकि गांव की को भी महिला स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे। प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराना तथा शिशुओं का नियमित टीकाकरण उनका दायित्व है।
समाज कल्याण के कार्यो की समीक्षा करते हुए श्रीमती वर्मा ने कहा कि नये प्रस्तावित आंगनबाड़ी केंद्रो की सूची बनाकर दें ताकि इसको स्वीकृति प्रदान कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जा सके। मौके पर ही उपायुक्त, लातेहार श्री प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि हाल ही में कुछ स्कूलों के विलय के परिणाम स्वरुप खाली पड़े स्कूल भवनों का उपयोग आगामी वित्तीय वर्ष से आंगनबाड़ी केंद्रों के रुप में किया जायेगा। जन वितरण प्रणाली के तहत अनाज वितरण के संबंध में उन्होंने कहा कि बिना पॉस मशीन के अनाज वितरण किसी भी हालत में नहीं किया जाना चाहिए। जिला आपूर्ति पदाधिकारी हर घर का सर्वे पंचायत सेवकों से करायें ताकि को भी व्यक्ति बगैर अनाज के भूखा न रहे।
मनरेगा की समीक्षा उप विकास आयुक्त अनिल कुमार सिंह से की गयी। मुख्य सचिव ने कहा कि शून्य मस्टर रौल पर हर हाल में कार्रवा हो। हर घर की महिला को सखी मण्डल से जोड़ा जाय ताकि हर परिवार स्वरोजगार से जुड़कर स्वावलम्बी बन सकें। जल संचयन के लिए लक्ष्यानुरुप हर गांव में डोभा का निर्माण हो। स्थानीय बाजार के बारे में उन्होंने कहा कि इसकी समुचित व्यवस्था सखी मंडल को सौंप देनी चाहिए। उन्होंने विकास के लिए मिशन मोड का मंत्र दुहराया। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को इस क्षेत्र का भूमि प्रोफाइल बनाने का निदेश दिया ताकि मृदा के गुणवत्ता के अनुरुप हर क्षेत्र में कुछ न कुछ आवश्यक रुप से उत्पादन किया जा सके।
समाजिक सुरक्षा के तहत पेंशन योजना के बारे में उन्होंने कहा कि को भी विधवा या वृद्धा का इस योजना के लाभ से अछूता न रहे। पेयजल विभाग के कार्यपालक अभियंता को उन्होंने निर्देश दिया कि वे सर्वे कराकर गर्मी के पूर्व हर चापाकल की मरम्मति अवश्य करा लें। को भी ग्रामीण चुंआ का पानी उपयोग में लाये यह कत बर्दास्त नहीं किया जायेगा।
विभागीय समीक्षा के उपरांत मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक ने संयुक्त रुप से आयोजित विकास शिविर में ग्रामीण जनता को सम्बोधित किया। मुख्य सचिव ने अपने सम्बोधन में कहा कि सरयू के लोगों का कठीन समय का अंत हो गया है, अब वे प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर विकास की ओर अग्रसर हैं। विकास के लिए प्रशासन केवल माध्यम हो सकता है। विकास को सफल एवं साकार करने में जनता की ही भूमिका महत्वपूर्ण होती है। दोनों के सम्मिलित प्रयास से विकास की एक लम्बी गाथा लिखी जा सकती है। लोगां को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्हेंने कहा कि यहां के उत्पादों को लातेहार बाजार तक पहुंचाने के लिए साप्ताहिक वैन की व्यवस्था की जा रही है ताकि उनको समुचित पारिश्रमिक एवं उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
इस मौके पर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि 2017 के पुलिस बहाली में 33 फिसदी आरक्षण महिलाओं को दिया जायेगा। इस क्षेत्र के पढ़े लिखे शिक्षित युवक युवततियों की बहाली पुलिस जवानों के रुप में हो सके इसके लिए यहां विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन जल्द ही किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के सोनवार डैम का जिर्णोद्धार का कार्य बरसात से पूर्व कर लिया जायेगा ताकि लेगां को सिंचा के लिए पूरी तरह वर्षा जल पर निर्भर न रहना पड़े। सरयू विकास शिविर में एन0आर0एल0एम के तहत 18 लाख 90 हजार की सहायता राशि का वितरण किया गया। वहीं कृषि विभाग द्वारा कुल 56 लाख 91 हजार, समाज कल्याण द्वारा 3 लाख 56 हजार, कल्याण विभाग द्वारा 57 लोगों के बीच 58.64 एकड़ का वनाधिकार पट्टा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 200 मच्छरदानी का वितरण किया गया।
विदित हो कि मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा ने गुमला जिला स्थित अतिनक्सल प्रभावित बनालात एक्शन प्लान के तहत चल रहे कार्यो की समीक्षा की थी। श्रीमती वर्मा ने पदाधिकारियों को समर्पण एवं निष्ठा के साथ कार्य करने का निदेश दिया था। युवाओं को शिक्षण एवं रोजगार परक गतिविधियों से जोड़ने, 10 गांव एवं 4 हजार आबादी को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने, मोटरसा किल एम्बुलेंस से गांव गांव में स्वास्थ्य सेवा देने, पीटीजी एवं जनजातीय युवकों को कैम्प में प्रशिक्षण देकर रोजगार और नौकरी उपलब्ध कराने, सखी मण्डलों को मजबूत कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों में शामिल करने का निदेश दिया था। उन्होंने जनता के साथ संवाद स्थापित करने और विकास को गति देने का निदेश भी अधिकारियों को दिया था, साथ ही उन्होंने कहा था कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य शिध्रता से होनी चाहिए।
मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा ने 27 फरवरी को लोहरदगा के पेशरार में “पेशरार एक्शन प्लान” के तहत विकास योजनाओं का शंखनाद किया था। इस प्लान का मुख्य उद्धेश्य गांव एवं ग्रामीणों का सम्पूर्ण विकास और नक्सलवाद से उन्हें मुक्त करना है। पेशरार विकास योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि यहां के बेरोजगारों को हुनरमंद बना उन्हें स्वरोजगार और रोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। महिलाओं को सखी मंडल से जोड़ कर आर्थिक गतिविधियों में शामिल करने का निदेश भी अधिकारियों को दिया था ताकि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं आत्मनिर्भर और अग्रसर हो सकें। उन्होंने सरकार के सहयोग की बात भी कही थी। पर्यटन के क्षेत्र में पेशरार की संभावनाओं को देखते हुए श्रीमती वर्मा ने हर संभव मदद देने की बात कही थी । मुख्य सचिव ने कहा था कि योजनाओं को लोगों तक पहुंचाना जिला प्रसासन की जवाबदेही है। विकास योजनाओँ को युद्धस्तर पर पूरा करने की आवश्यकता है ताकि पेशरार प्रखण्ड का समुचित विकास हो सके।
हाल के दिनों में राज्य प्रशासन क्षेत्रों में जा कर विकास योजनाओं की समीक्षा लोगों के सामने कर रहे हैं, ताकि को भी योजना लोगों की पहुंच से दूर न रह सके। सरकार की मंशा है कि राज्य का हर बच्चा शिक्षित हो, महिलाएं आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बने वहीं किसानों की आय भी दोगुणी बढ़े। राज्य प्रशासन द्वारा किये जा रहे कार्य का ही नतिजा है कि दूर दराज और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *