शहीद दिवस पर दी गयी भावभीनी श्रद्धांजलि

रांची,23मार्च। शहीद दिवस के मौके पर आज राज्य भर में आयोजित कार्यक्रमों में अमर शहीद भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी। मुख्यमंत्री ने आज रांची में आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि आज हमें कर्मयोगी बनने का संकल्प लेना चाहिए। जमशेदपुर में इस मौके पर तिरंगा यात्रा निकाली गयी। नमन संस्था द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा को भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने झंडा दिखा कर रवाना किया।

कांग्रेस भवन में दी गयी श्रद्धांजलि
प्रदेश कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की शहादत दिवस तथा क्षेत्रीय कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व मंत्री स्व. टी. मुचिराय मुण्डा की पुण्यतिथि प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, रांची में कांग्रेसजनों द्वारा उनके चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित की गयी। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वीर सपूत अमर शहीद भगत की रा ट्र के प्रति बलिदानों से हमें भी प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। शहीद भगत सिंह ने देश को आजाद कराने में अपने प्राणों की आहूति दे दी। 23 मार्च 1931 को ब्रिटिश सरकार ने भगत सिंह को फांसी पर लटका दिया, पर भारतवासियों पर आजादी की जो ज्वाला अंग्रेजों के विरुद्ध भड़कायी थी वह ज्वाला अन्ततः 15 अगस्त 1947 को शांत हुआ। उसी दिन भारत अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ और एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित हुआ। भगत सिंह के बलिदानों की हीं देन है जिसके फलस्वरुप आज हम आजाद हैं। वक्ताओं ने अमर शहीद रा ट्र नायक भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के देश की आजादी के लिए अपनी जान की कुर्बानी तथा उनकी वीरता पर व्यापक रुप से प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने स्व. मुंडा को श्रद्वासुमन अर्पित करते हुए उनके बहुमुखी व्यक्तित्व तथा उनके जीवनी पर विस्तृत चर्चा करते हुए उन्हें छोटानागपुर का गांधी बताया। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड क्षेत्र के हित में चहुमूखी विकास कार्य एवं संगठन में प्रभुत्व की लड़ाई में इनका असाधारण योगदान रहा। इनके विशाल व्यक्तित्व के कारण श्रद्धा के साथ झारखंड के लोग इन्हें देखते थे। उन्होंनें अपना सफल नेत्त्व सभी वर्गों को प्रदान किया तथा संगठन को मजबूत करने में जीवनपर्यन्त कार्य किये। वक्ताओं ने कहा कि स्व. टी. मुचिराय मुण्डा की कार्यशैली से कांग्रेसपार्टी उनके कार्यकाल में हमेशा लाभान्वित रही है। वह अपने राजनैतिक जीवन में प्रदेश की जनता के हित में कार्य करते रहे तथा अपने मंत्रीत्व काल में सक्रियता के बावजूद सामाजिक उत्थान के लिए संघ ार्शील रहे। स्व. मुचिराय मुण्डा का व्यक्तित्व अत्यंत हीं सादगीपूर्ण एवं उनके विचार में समानता का समावेश था। हम कांग्रेसजनों के सदा प्रेरणाश्रोत रहे। श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में डॉ0 अजय शाहदेव, सूर्यकांत शुक्ला, निरंजन पासवान, जगदीश साहु, सुरेन राम, आर0 मिश्रा, राकेश सिन्हा, किशन अग्रवाल, दिलिप दाराद, प्रभात कुमार, योगेन्द्र सिंह बेनी, अजय कुमार, रामानन्द केशरी, इन्द्र भू ाण पाण्डेंय सहित अनेक कांग्रेसजन शामिल थे।
शहीद दिवस पर निकाली गयी मोटरसाईकिल रैली
झारखण्ड सिख फेडरेशन के तत्वाधान में शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव शहादत के 86वें व ार्गॉंठ पर सद्भावना, मोटर साईकिल रैली का आयोजन किया गया। जिसका नेतृत्व फेडरेशन के अध्यक्ष रंजीत सिंह हैप्पी के ने किया। शहीद स्थल पर श्रद्धांजली अर्पित करने के बाद मुख्य अतिथि रॉंची के टै्रफिक एस.पी. श्री संजय रंजन सिंह ने रा ट्रीय ध्वज देकर रवाना किया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए संजय रंजन सिंह ने कहा कि अपने समय में भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के द्वारा पेश किया गये देश के प्रति कटिबद्धता से प्रेरणा लेकर हमें अपने अन्दर पारदर्शिता लाना होगा और आजादी के सही मायने को समझकर अपने जीवन शैली में बदलाव लाकर समाज में मिशाल पेश करनी होगी।
इस अवसर पर झारखण्ड सिख फेडरेशन के संयोजक ज्योति सिंह मथारु ने कहा कि शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की शहादत देश के युवाओं के लिए एक मिशाल है और आज हमारे युवा जाति धर्म के नाम पर भटके हुए हैं तथा साम्प्रदायिक ताकतें धर्मनिरपेक्षता पर लगातार वार कर रही है। देश की एकता एवं अखण्डता का बचाये रखने के लिए युवाओं को इन सपूतों से प्रेरणा लेकर एक युवा एवं सबल भारत के निर्माण में अपनी भूमि सिख फेडरेशन के अध्यक्ष श्री रणजीत सिंह हैप्पी ने कहा कि शहीद भगत सिंह के जज्बे को मैं तहे दिल से सलाम करता हॅूं एवं उनके प्रति श्रद्धांजली अर्पित करता हॅूं और अपने युवा साथियों से अपील करना चाहता हॅूं कि हमें आजादी की सही मायने को समझना होगा और अपने जीवन को देश के प्रति समर्पित करना होगा। तभी हम आजादी के सही मायने को समझ कर देशहित में कार्य कर सकते हैं।
सचिव नवजोत सिंह रुबल एवं को ाध्यक्ष हरप्रीत सिंह गोल्डी ने संयुक्त रुप से वीर सूपतों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन देश में रहने वाले सभी लोग खुली हवा में सांस ले सकें, इसलिए हॅंसते-हॅंसते फांसी पर चढ़ गये। आज पूरा देश वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञ हैं। कार्यक्रम में गुरु सिंह सभा के प्रधान कुलदीप सिंह, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष बिनय अग्रवाल, कौमता एकता के उपाध्यक्ष हरविन्दर वीर सिंह, पूर्व डीएसपी आर. एन. सिंह, डा. राजेश गुप्ता छोटू, मो. काजी खान, मुकेश पाण्डेंय, चरणजीत सिंह बासू, राजेश सिन्हा सन्नी आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में प्रीतपाल सिंह, जयदीप चड्डा, अमरजीत सिंह, दलजीत सिंह, हरमीत सिंह टिंकु, गुरदीप हंसरा, हनी रंधावा, अमरजीत सिंह, मो. नेसार खान, अख्तर अली, परमजीत सिंह, मो. उमर, बिजय कुमार त्रिपाठी, मुरारी लाल गुप्ता, हरजीत सिंह, त्रिलोचन सिंह मथारु, तलविन्दर सिंह, गुरुचरण सिंह, प्रदीप सिंह चड्डा, हरजीत सिंह साहनी, दलजीत सिंह जीता, गुरविन्दर सिंह सेठी, हरविन्दर सिंह लाली सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे।
मोमबत्ती जलाकर युवा क्रांतिकारियों को दी गयी श्रद्धांजलि व सलामी
रांची में आजसू छात्र संघ द्वारा आज शहीद चौक पर मोमबत्ती जलाकर तीन युवा क्रांतिकारियों को उनके शहादत पर श्रद्धांजलि एवं सलामी दी गई। हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर चढ़कर तीनों युवा क्रांतिकारियों ने यह बता दिया कि हिंदुस्तानियों को टूटना मंजुर है परंतु झुकना नहीं।
इस अवसर पर रांची विश्वविद्य्नालय के सचिव नितिश सिंह ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता में तीन ऐसे वीर सपूत हैं, जिनकी शहादत ने देश के नौजवानों में आजादी के लिए अभूतपूर्व जागृति का शंखनाद किया। देशभक्त सुखदेव, भगतसिंह और राजगुरु को अंग्रेज सरकार ने 23 मार्च को लाहौर षडयंत्र केस में फाँसी पर चढा दिया था। इन वीरों को फाँसी की सजा देकर अंग्रेज सरकार समझती थी कि भारत की जनता डर जाएगी और स्वतंत्रता की भावना को भूलकर विद्रोह नही करेगी। लेकिन वास्तविकता में ऐसा नही हुआ बल्की शहादत के बाद भारत की जनता पर स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने का रंग इस तरह चढा कि भारत माता के हजारों सपूतों ने सर पर कफन बाँध कर अंग्रेजों के खिलाफ जंग छेङ दी।
आजसू छात्र संघ के रांची विश्वविद्य्नालय प्रभारी कुश साहु ने कहा कि सुखदेव, राजगुरु और भगत सिंह की शहादत ने आजदी के लिए जन-जन में जो जागृति का संचार किया वो इतिहास में अविस्मरणिय है। जनमानस के ह््रदय में इंकलाब की गूंज को पहुचाने वाले देश के इन अमर वीर सपूतों को उनकी शहादत पर हम श्रद्धांजलि सुमन अर्पित करते हैं। आजसू छात्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सोनू सिंह ने कहा कि इनकी शहादत हम युवाओं को आज भी उद्वेलित करती है।
इस अवसर पर राहुल सिंह, राजकिशोर महतो, ओम वर्मा, विक्की कुमार, एकरामुल अंसारी, सौरभ कुमार, प्रभात रंजन, रमेश कपाडिया, साहित्य सिंह, चंदन कपाडिया, राहुल गंझू, मनोज गंझू, रविंद्र ठाकुर, रमेश सिंह, बोखतीब अहमद आदि प्रमुख रुप से शामिल हुए।

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