बाबूलाल राज्यपाल से मिलें,अडाणी पावर के लिए भूमि अधिग्रहरण पर रोक की मांग

रांची,20अप्रैल। झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आज राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और गोड्डा जिले में प्रस्ताविक अडाणी पावर प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर रोक लगाने और प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी के मामले की न्यायिक जांच की मांग की।
झाविमो की ओर से राज्यपाल को सौंपे गये ज्ञापन में बताया गया है कि छह महीने से अडाणी पावर प्लांट के लिए 1600 मेगावाट पावर प्लांट स्थापना के लिए गोड्डा व पोड़ैयाहाट अंचल में राज्य सरकार के निर्देश पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है और पहले ही दिन से स्थानीय रैयतों का विरोध जारी है। उन्होंने बताया कि अधिग्रहण की प्रक्रिया में ली जाने वाली जमीन बहुफसलीय एवं सिंचित है और घनी आबादी क्षेत्र में पानी का कोई भंडारण नहीं है,ऐसी स्थिति में अधिग्रहण से बड़ी संख्या में पलायन होगा। पार्टी की ओर से यह भी जानकारी दी गयी कि अडाणी कंपनी के लिए 500 एकड़ जमीन के लिए सरकार के पास जब वर्ष 2016 में अभ्यावेदन आया, तो गोड्डा जिले में जमीन की कीमत 42.65लाख रुपये प्रति एकड़ थी, लेकिन कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए रातो-रात जमीन का मूल्य 3.25लाख रुपये प्रति एकड़ कर दिया गया और बाद में विरोध होने व विधायक प्रदीप यादव द्वारा विधानसभा में मामला उठाये जाने पर सरकार ने समिति बनायी और पुनः मूल्यांकन करते हुए कंपनी के पक्ष में ही जमीन का दाम 6.26लाख रुपये प्रति एकड़ से 12.25लाख रुपये प्रति एकड़ किया,जिसका विरोध आज भी जारी है। वहीं ऊर्जा विभाग की ओर से कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए कई छूट देकर एकरारनामा किया, जिससे सरकार को सालाना 2000 करोड़ का घाटा होगा। वहीं एसपीटी एक्ट के प्रावधान के तहत सरकार आम रैयतों की जमीन जनहित व सार्वजनिक कार्यां के लिए कर सकती है, लेकिन अडाणी पावर प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली बांग्लादेश जाएगी,इससे राज्य को कुछ मिलने वाला नहीं है।
झाविमो ने अडाणी पावर प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर अविलंब रोक लगाने के लिए सरकार को यथोचित निर्देश देने, तमाम तथ्यों एवं घटनाओं की न्यायिक जांच कराने की मांग की है, वहीं 16अप्रैल को पोड़ैयाहाट के अंचलाधिकारी द्वारा प्रदीप यादव पर मजमा लगाने व सरकारी काम में बाधा डालने को लेकर मामला दर्ज गया है, यह भी गलत है और अंचलाधिकारी पर ही मुकदमा चलाने की मांग की गयी है।
इससे पहले झाविमो नेताओं-कार्यकर्त्ताओं ने बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में राजभवन के समक्ष एकदिवसीय धरना दिया गया। इस प्रदर्शन में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, रामचंद्र केसरी समेत अन्य नेता-कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।

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