महिला आयोग की टीम सीयूजी कैम्पस पहुंची

कुलपति व अन्य से दो घंटे तक पूछताछ के बाद क्लीन चिट
रांची,11मई। झारखंड राज्य महिला आयोग की टीम ने केंद्रीय विश्वविद्य्नालय झारखंड(सीयूजे) के कुलपति नंद कुमार यादव और यूनिवर्सिटी के अन्य चार शिक्षकों पर महिला असिस्टेंट प्रोफेसर द्वारा लगाये गये उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने कैम्पस पहुंची।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष समेत अन्य सदस्यों ने यूनिवर्सिटी कैम्पस पहुंच कर सीयूजे के कुलपति समेत अन्य लोगों से पूछताछ की। आयोग की टीम ने करीब दो घंटे तक पूछताछ के बाद कुलपति और अन्य से पूछताछ की। बाद में आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि प्रथम ॰ष्टया आरोप निराधार लगते है। उन्होंने बताया कि एक साथ पांच लोगों पर यौन उत्पीड़न का आरोप सही प्रतीत नहीं होता है। उन्होंने बताया कि टीम आरोप लगाने वाली महिला असिस्टेंट प्रोफेसर से भी पूछताछ करेगी और लगाये गये आरोप में कितनी सच्चाई है,इसकी जांच की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक सीयूजे के कुलपति की ओर से आयोग की टीम को यह जानकारी दी गयी कि आरोप लगाने वाली महिला शिक्षिका लगातार 90 दिनों तक अनुपस्थित थी और इसे लेकर जब उन्हें शो-कॉज किया गया, तब उनकी ओर से अनर्गल और झूठे आरोप लगाये गये।
गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी की एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर ने कुलपति नंद कुमार यादव के खिलाफ रांची के अनुसूचित जाति-जनजाति थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है। महिला शिक्षिका ने कुलपति के अलावा रजिस्ट्रार रतन कुमार डे, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रंजीत ,डॉ. मयंक और प्रो. डॉ. अशोक निमेष के विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है।
इधर, पुलिस ने मामले की छानबीन शुरु कर दी है। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राज कुमार लकड़ा ने बताया कि सुपरविजन के दौरान अनुसंधान में आये तथ्यों के आधार पर आरोप सही पाये जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

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