नक्सली कुंदन पाहन का सरेंडर, 15लाख का चेक मिला

128कांडों में था वांछित, पुलिस ने मीडिया के समक्ष पेश किया
रांची,14मई। प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा-माओवादी के 15लाख के इनामी नक्सली कुंदन पाहन ने आज पुलिस के समक्ष औपचारिक रुप से समर्थन कर दिया। एडीजी अभियान आर.के.मल्लिक और डीआईजी , एससपी समेत अन्य वरीय पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कुंदन पाहन को सरेंडर करने के बाद आत्मसमर्पण नीति के तहत 15लाख रुपये का चेक सौंपा गया। कुंदन वाहन के खिलाफ रांची, पिÜचमी सिंहभूम, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और गुमला जिले में 128 कांड दर्ज हैं।
रांची के डीआईजी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कुंदन पाहन ने विधिवत रुप से आत्मसमर्पण किया। वर्षां तक भाकपा-माओवादी संगठन में रीजनल कमेटी के सचिव के रुप में काम करने वाले कुंदन पाहन को पुलिस करीब डेढ़ दशक से अधिक समय से तलाश कर रही थी। लेकिन झारखंड सरकार द्वारा नक्सलियों के लिए बनायी गयी आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का फायदा उठाते हुए कुंदन पाहन ने अपने करीबियों की मदद से पुलिस से संपर्क साधा और आत्मसमर्पण के लिए तैयार है। झारखंड पुलिस की नई दिशा-नई पहल के तहत आयोजित आत्मसमर्पण समारोह में एडीजी आर.के.मल्लिक, संजय लाटेकर, डीआईजी अमूल वेणुकांत होमकर और एसएसपी कुलदीप द्विवेदी व ग्रामीण एसपी राजकुमार लकड़ा समेत अन्य पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कुंदन पाहन ने मुख्य धारा में शामिल होने की घोषणा की।
कुंदन पाहन के खिलाफ खूंटी जिले में 50, रांची में 42, पिÜचम सिंहभूम में 27, सरायकेला-खरसावां जिले में 7 और गुमला जिले में एक मामला दर्ज है। आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस ने कुंदन को 15लाख रुपये के चेक सौंपे। इस दौरान लोहरदगा में नक्सलियों के पास से बरामद हथियार भी दिखाया गया। तीन दिन पहले गुपचुप सरेंडर करने वाले कुंदन से पुलिस के वरीय अधिकारी लगातार उससे पूछताछ कर रहे थे और कई अहम जानकारियां मिलने के बाद आज उसे मीडिया के सामने पेश किया गया और औपचारिक रुप से सरेंडर की कार्रवाई को पूरा किया गया।
कुंदन पाहन के खिलाफ विधायक रमेश सिंह मुंडा, डीएसपी प्रमोद कुमार समेत छह पुलिस कर्मियों की हत्या, आईसीआईसीआई बैंक वाहन से 5करोड़ नकद व दो किलोग्राम सोना लूट, सीआईडी इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदुवार हत्याकांड समेत 100 से अधिक मामले दर्ज है।
आत्मसमर्पण करने के बाद कुंदन ने कहा कि संगठन अपनी नीति से भटक गया है और शीर्ष नेताओं की ओर से छोटे कैडरों का शोषण किया जा रहा है, इसलिए उसने संगठन छोड़ने का मन बनाया। उन्होंने कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता की बात से इंकार किया है।

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