21 परियोजनाओं के लिए ’ग्राउंडब्रेकिंग’

रांची,18मई। 16-17 फरवरी को रांची में संपन्न 310लाख करोड़ रुपये के 210 एमओयू का धरातल पर उतरने का सिलसिला शुरु होगया है। पहले चरण में आज 19 कॉपरपोरेट घराने के 21 परियोजनाओं के लिए ग्राउंडब्रेकिंग संपन्न हुआ। इन परियोजनाओं में दे ा भर से उन्नीस कोरपोरेट भामिल हैं और आठ ओद्य्नौगिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में टेक्सटाईल, फूड एवं फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्युटिकल्स, व्यर्थ प्रबन्धन, स्वास्थ्य, फुटवियर, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स भामिल हैं। इन परियोजनाओं को बढ़ावा देने वाले कुछ प्रमुख कोरपोरेट्स में भामिल हैं- ओरिएन्ट क्राफ्ट, भाही एक्सपोर्ट्स, कावेरी एग्री वेयरहाउसिंग, देव आहार फूड इंडस्ट्रीज़, भाॉ फार्मा, मैट्रिक्स क्लोदिंग, प्रगति बेवरेजेस और त्रिवेणी अपेरेल्स।
ओरिएंट क्राफ्टस
40वर्ष पुरानी इस कंपनी की अभी देशभर में 21 इकाईयां काम कर रही है और कंपनी अभी करीब दो लाख पीस वस्त्र का उत्पादन प्रतिदिन करती है। ओरिएंटल क्राफ्टस कंपनी का टर्न ओवर अभी लगभग दो हजार करोड़ रुपये सलाना है। सुधीर धींगरा चार दशक पुराने इस कंपनी को चला रहे है और कंपनीमें 32 हजार कर्मी कार्यरत है, इसके अलावा करीब डेढ़ लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार मिल रहा है। झारखंड में कंपनी लगभग 200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और 15 हजार लोगो को प्रत्यक्ष तौर पर रेजगार मिलेगा।

कावेरी एग्री वियरहाउसिंग प्रा.लि.
कावेरी एग्री वियरहाउसिंग प्रा.लि. मुख्य रुप से कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्य्नोग के क्षेत्र में कार्यरत है। इस कंपनी का टर्नओवर सालाना 100करोड़ है। कंपनी ने झारखंड में वेयरहाउस की दो परियोजनाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत बेलचंपा इंडस्ट्रीयल एरिया प्रोजेक्ट और लुपुंगडीह चांडिल में इकाई की स्थापना होगी, जबकि तीन नई इकाईयां नगड़ी, खासीझरिया और गुमला में स्थापित होगी। करीब 17.5करोड़ की लागत से स्थापित होने वाली इन इकाईयों से 85लोगों को रोजगार मिलेगा।

प्रेम फुटवियर
प्रेम फुटवियर कई क्षेत्रों में कार्यरत है, जिसमें रब्बर, ईथिलीन, थर्मा प्लास्टिक, पॉलिफीन व फूटवेयर डिजाइन शामिल है। मेसर्स प्रेम फूटवेयर प्रा.लित्र के अर्जुन भाई धवन और अक्षय बाहरी इसका संचालन कर रहे है। कंपनी राज्य में पांच करोड़ निवेश करेगी और 300 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा
देव-अहार फूड इंस्डस्ट्रीज प्रा. लि.
देव-अहार फूड इंस्डस्ट्रीज प्रा. लि. देफरवरी 2016 से संचालित हो रही है और मुख्य रुप से स्नैक्स बनाती है। इस कंपनी को स्टार्ट वेंचर के रुप में देवेंद्र पांडेय चला रहे है, उन्हें 20 वर्षां का फुड इंस्टीज का अनुभव प्राप्त है।कंपनी नमकिन, स्नैक्स, चिप्स व मिक्सर बनाएगी और प्रतिदिन 120 किग्रा केला का चिप्स और 230किग्रा आलू चिप्स बनाएगी तथा 50 किग्रा मिक्सर बनाएगी। कंपनी 1 करोड़ का निवेश करेगी और 19लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
साव फर्मासुटिकल प्रा. लि.
साव फर्मासुटिकल प्रा. लि. कंपनी कोलकाता की कंपनी है और यह फर्मासुटिकल और दवा के थोक व्यवसाय से जुड़ी है। कंपनी की उपस्थिति अभी बिहार की राजधानी पटना में है और झारखंडके देवघर और रांची में इकाई स्थापित करेगी। कंपनी ने 100 करोड़ रुपये निवेश की योजना बनायी है और 51 करोड़ रुपये निवेश करेगी।
अमित ऑयल प्रा. लि
अमित ऑयल प्राईवेट लिमिटेड कंपनी खाद्उ उत्पादों का उत्पादन करती है और अभी कंपनी का टर्न ओवर 90 करोड़रुपया सलाना है। कंपनी अभी उत्तर प्रदेश के जौनपुर और बिहार के कैमुर में अपनी इकाई चला रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक चंद्रप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि उनकी कंपी झारखंड में 129करोड़ का निवेश करेगी और 171 लोगों को रोजगार मिलेगा।
डायमंड न्यूट्रीफुडस प्रा. लि.
डायमंड न्यूट्रीफुडस प्रा. लि. कंपनी 11 दिसंबर 2015 से दुग्ध उत्पाद और पशुओं के चारा के व्यवसाय से जुड़ी है। कंपनी को शगुफ्ता यस्मीन और फैज अहमद चला रहे है और कंपनी का टर्न ओवर अभी 6 करोड़ है। वहीं कंपन ने रांची में फारेजन वेजिटेबल व फ्रूट की इकाई स्थापित करेगी और इसमें 30 करोड़ रुपये का निवेश करेगी,जिससे 50लोगों को रोजगार मिलेगा।
बोकारो सेवा ट्रस्ट
बोकारो सेवा ट्रस्ट मैडिकेंट सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल की इकाई है और डॉ. मजीद तलीकोटी इसके मुख्य ट्रस्टी है। बोकारो सेवा ट्रेस्ट ने बोकारो में 300 बेड वाले अस्पताल व रिसर्च सेंटर स्थापित करने में दिलचस्पी दिखायी है,इसके लिए 100 करोड़ का निवेश होगा और 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
चार्जीग्रेट इनर्जी एलएलपी
चार्जीग्रेट इनर्जी एलएलपी बोकारो के उद्य्नमी की इकाई है, इसके निदेशक पंकज कुमार ने लीड एसिड बैट्री की इकाई स्थापित करने की योजना है। इसके लिए कंपनी 3.5 करोड़ रुपये निवेश करेगी और 54 लोगां को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।
बॉयोटेक्निक लेबोरेट्रिज प्रा. लि.
बॉयोटेक्निक लेबोरेट्रिज प्रा. लि. बॉयो वेस्ट धनबाद की कंपनी है और यह मुख्य रुप से बॉयो वेस्ट मैनेजमेंट का काम देखती है। कंपनी का टर्न ओवर अभी 80लाख रुपये साला है और रामगढ़ में भी इकाई स्थापित करने की योजना बनायी है। कंपनी की निदेशक प्रतिमा राय और श्री कृष्ण सिंह ने 4.5करोड़ का निवेश कर 105 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बनायी है।
शाही एक्सपोर्ट
शाही एक्सपेर्टटेक्सटाईल से जुड़ी कंपनी है और यह देश की बड़ी टेक्सटाइल कंपनियों में से एक है। कंपनी के प्रबंध निदेशक हरिश आहूजा नेझारखंड में रेडिमेट ग्रारमेंट सेक्टर में 34 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनायी है,जिससे 2200लोगों को रोजगार मिलेगा।
मैट्रिक्स कल्उथिंग
मैट्रिक्स कल्उथिंग टेक्स भी टेक्सटाइल से जुड़ी कंपनी है और यह कंपनी टी-शई, जैकेट व अन्य वस्त्र का निर्माण करती है। कंपनी के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक गौतम नैयर ने ने रांची के निकट इकाई स्थापित करने की योजना बनायी है। 60 करोड़ रुपये की लागत से निवेश होने के बाद 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
टेंजरिंग डिजाइन प्रा. लि.
टेंजरिंग डिजाइन प्रा. लि लेदर और टेक्सटाइल बैग का निर्माण करने वाली कंपनी है। इस कंपनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक भी गौतम नैयर है। कंपनी ने लेदर बैग, बेल्ट, फुटवियर समेत अन्य सामान बनाने के लिए राज्य में इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत 30 करोड़ का निवेश करने की योजना है,इससे 700 लोगों को रोजगार मिलेगा।
जालान फुड प्रोडक्ट
जालान फुट प्रोडक्ट रांची की पुरानी पहचान है। कंपनी चना सत्तु, बेसन, व दलिया आदि बनाती है। इस कंपनी की स्थापना 1949 में स्व. शंकर लाल जालान ने की थी और बाद में ज्ञान प्रकाश जालान और विष्णु कुमार जालान ने व्यवसाय को संभाला। इस कंपनी ने राज्य में 4.56करोड़ की योजना से इकाई स्थापित करने की योजना बनायी है, इससे 32 लागां को रोजगार मिलेगा।
इम्पिरियल ट्रेडिंग एंड लॉजिस्टिक
इम्पिरियल ट्रेडिंग एंड लॉजिस्टिक खाद्य व एग्रीबिजनेस से जुड़ी कंपनी है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शमशेर आलम ने झारखंड के जाने-पहचाने चेहरे है। कंपनी की अेर से कंस्ट्रक्शन, पावर ट्रेडिंग व फल-सब्जी का व्यवसाय किया जाता है। इस कंपनी ने नगड़ी में करीब 1.55करोड़ की लागत से संयंत्र की स्थापना की जाएगी, जिससे 50लोगों को रोजगार मिलेगा।
प्रगति बेब्रेज
प्रगति बेब्रेज झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्रगति केमिकल की सहयोगी इकाई है। इस कंपनी द्वारा फुड प्रोसेसिंग और फ्रूट जूस तथा पेयजल के लिए 15करोड़ रुपये की इकाई से संयंत्र की स्थापना की जागी, जिससे 100 लोगों को प्रत्यक्ष रुप से रोजगार मिलेगा।
चौरस एग्रो प्रा. लि.
चौरस एग्रो प्रा. लि. कंपनी की स्थापना 2009 में तुपुदाना रांची में स्थापित की गयी थी और यह कंपनी ब्राउन राइस का उत्पादन करती है। कंपनी के पवन कुमार कोनाई और रश्मि कोनाई निदेशक है। इस कंपनी ने 8 करोड़ रुपये के निवेश की इच्छा जतायी है,जिससे 50लोगों को रोजगार मिलेगा।
त्रिवेणी एप्परेल एंड टेक्सटाइल प्रा. लि.
त्रिवेणी एप्परेल एंड टेक्सटाइल प्रा. लि. टेक्सटाइल व फुटवियर क्षेत्र मेंकार्यरत है। कंपन ी केनिदेशक ए. कौशल राज व श्रवण कुमार तथा ए सुब्रह्ण्यम ने 26करोड़ की लागत से निवेश कर संयंत्र स्थापित करने की योजना बनायी है,जिससे 1000लोगों को प्रत्यक्ष रुप से रोजगार मिल सकेगा।
एसकेएफ मैनुफैक्चर
एसकेएफ मैनुफैक्चर टेक्सटाइल व फुटवियर के क्षेत्र में काम कर रही है। इस कंपनी ने निदेशक आफताब आलम ने 3 करोड़ रुपये की लागत से ट्रैक शुट, बारमुडा, टी-शर्ट, नाइटी, स्कूल यूनिफार्म समेत अन्य वस्त्र निर्माण के लिए लोहरदगा में संयंत्र की स्थापना की जाएगी। करीब 3 करोड़ की लागत से स्थापित होने वाले इस संयंत्र से 150लोगों को प्रत्यक्ष रुप से रोजगार प्राप्त सकेगा।

 

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