अडाणी पावर प्रोजेक्ट को पर्यावरण की हरी झंडी

रांची,17जुलाई ।अडाणी पावर द्वारा गोड्डा में प्रस्तावित 1600 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के विशेषज्ञों की समिति ने इस परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति दे दी है। एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत अडाणी पावर लि. ने रैयतों के मुआवजा भुगतान की पहली किस्त भी जारी कर दी है। पहली किस्त के रूप में कंपनी ने 56 करोड़ रुपये की राशि सरकारी कोष में जमा करा दिया गया है, जिससे रैयतों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो जाएगा। साथ ही प्लांट निर्माण की दिशा में भी इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष नवीन चंदा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सभी बिन्दुओं तथा कंपनी द्वारा तय सीएसआर गतिविधियों के प्रारूपों का आकलन करने के बाद पर्यावरणीय स्वीकृति दी है। इसके बाद गोड्डा में अडाणी पावर प्लांट के निर्माण का काम जल्द धरातल पर दिखाई देने की संभावना है।
मुआवजा भुगतान की कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाते हुए कंपनी ने 56 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्रशासन को उपलब्ध कराते हुए इस दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है। मालूम हो कि जन सुनवाई के बाद से ही कंपनी इस दिशा में लगातार प्रयासरत थी कि रैयतों का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए। कंपनी द्वारा इसकी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दी गयी है। यही नहीं अडाणी पावर लि. गोड्डा में प्रस्तावित पावर प्लांट के लिए सीएसआर के तहत 14 करोड़ रूपये अधिक राशि खर्च करेगी। यह राशि शिक्षा, सड़क, बिजली,स्वास्थ्य, पेयजल एवं पौधारोपण जैसे कार्यां पर खर्च की जाएगी। इससे प्लांट एवं इसके आसपास के क्षेत्रों का चहुमुखी विकास होगा।

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