झारखंड में 4085करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त

  विधानसभा के नियंत्रक महालेखा परीक्षक का रिपोर्ट पेश
रांची 12 अगस्त । झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के अंतिम दिन आज भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक का 31 मार्च 2016 को समाप्त हुये वर्ष का राज्य वित्त से सम्बन्धित प्रतिवेदन सदन में पेश किया गया जिसमें कहा गया कि प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद :जी एस डी पी : में वृद्वि 11दशमलव 40 है जो देश के सकल घरेलू  उत्पाद आठ दशमलव सात प्रतिशत से अधिक है ।
     प्रतिवेदन में कहा गया कि वित्तीय वर्ष 2015-18 में राज्य के राजस्व व्यय की तुलना में राजस्व प्राप्ति अधिक हुयी है जिससे  राज्य को 4085 करोड रूपये का राजस्व अतिरेक : रेभेन्यु सरप्लस :हुआ है । वित्तीय वर्ष 2014-15 में 20 दशमलव आठ प्रतिशत की तुलना में वित्तीय वर्ष 2015-16 में राजस्व प्राप्तियां में 28दशमलव सात प्रतिशत की वृद्वियां हुयी है ।
     वित्तीय वर्ष 2015-16 में पूंजीगत व्यय में वृद्वि करते हुये राजस्व व्यय में कमी  की गयी है वित्तीय वर्ष 2014-15 में 5543 करोड रूपये के पूंजीगत व्यय की तुलना में राज्य में वित्तीय वर्ष 2015-16 में 8159 करोड रूपये का व्यय हुआ है जो गत वर्ष की तुलना में काफी अधिक है । वित्तीय वर्ष 2014ः-15 में राजस्व व्यय 83 प्रतिशत था जिसे वित्तीय वर्ष 2015-16 में कम करते हुये 70 प्रतिशत किया गया ।
कैग रिपोर्ट के अनुसार झारखंड का राजकोषीय घाटा 11523 करोड रूपये है जिसमें उज्वल डिस्कॉन एंस्योरेंस योजना :यूडीएवाई : के तहत उदय बॉंड का 5553 करोड रूपया शामिल है । भारत सरकार के अनुसार  वित्तीय वर्ष 2015-16 में लिये ऋणको एफ आर बी एम एक्ट के साढे तीन प्रतिशत सीमा के बाहर रखा गया है । उदय  ोजना को छोडकर राज्य का राकोषीय  घाटा 5970 करोड रूपया है जो जी एस पी टी का 2 दशमलव 49 प्रतिशत है तथा एफ आर बी एम एक्ट की सीमा के अंतर्गत है ।
     प्रतिवेदन में कहा गया कि राज्य के स्थानीय निकायो एवं अन्य संस्थानों को गत  वित्तीय वर्ष 2014-15 में वित्तीय सहायता 12404 दशमलव 12 करोड रूपये की  तुलना मे वित्तीय वर्ष 2015-16 में 14890 दशमलव 92 करोड  रूपया दिया गया है ।
    इस बीच सदन के बाद राज्य के अपर सचिव वित्त अमित खरे ने कहा कि महालेखाकार द्वारा पेश की गयी रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि राज्य की वित्तीय स्थिति काफी अच्छी है तथा राजकोषीय उतरदायित्व एवं बजटीय प्रबंधन : एफआरबीएम : के अधीन है ।
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