झामुमो शिष्टमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की

धर्म स्वतंत्र व भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक को निरस्त करने की मांग
रांची,13अगस्त। झारखंड मुक्ति मोर्चा(झामुमो) विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के एक शिष्टमंडल ने आज राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर विधानसभा में शनिवार को पारित धर्म स्वतंत्र और भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक को निरस्त करने की मांग की है।
झामुमो की ओर से राज्यपाल को सौंपे गये ज्ञापन में बताया कि भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 में संशोधन का प्रस्ताव विधानसभा में लाया गया और झामुमो समेत अन्य विपक्षी दलों के तमाम विरोध के बावजूद जनतांत्रिक एवं संसदीय मूल्यों की अनदेखी कर बहुमत के दम पर इसे पारित करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस पारित विधेयक का उद्देश्य राज्य की भू-संपदा की खुली लूट और उसे जबरन अधिगृहित कर कतिपय पूंजीपतियों व उद्य्नोगपतियों के समूहों को हस्तांतरित करने की है। झामुमो नेताओं ने बताया कि सीएनटी-एसपीटी संशोधन प्रस्ताव को राज्यपाल द्वारा वापस लौटाने के बाद आनन-फानन में इस संशोधन विधेयक को लाया गया है।
झामुमो की ओर से राज्यपाल को सौंपे गये एक अन्य ज्ञापन में बताया गया कि झारखंड धर्म स्वतंत्र विधेयक 2017 को पार्टी ने प्रवर समिति को विचार के लि सौंपने की मांग की गयी थी, लेकिन विरोधी दलों की मांग को ध्वनिमत से खारिज करते हुए विधेयक को पारित कर दिया गया। यह विधेयक राज्य के सामाजिक एवं सांप्रदायिक सदभाव के वातावरण को गंभीर चुनौती पेश करेगा। साथ ही यह भारत का संविधान की धारा 25 में प्रदत्त मौलिक अधिकारों पर भी प्रहार करता है।
राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में विधायक स्टीफन मरांडी, चंप सोरेन, जयप्रकाश भा पटेल, निरल पूर्ति,जोबा मांझी, शशि भूषण सामड़, केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य, विनोद पांडेय, मनोज कुमार पांडेय समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

 

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *