कोयल व सुवर्णरेखा नदी से जुड़े तकनीकी समस्या का शीघ्र हो सामाधनःचंद्रप्रकाश

राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण की दिल्ली में हुई बैठक में जुटे देश भर के जल संसाधन मंत्री
रांची 12सितंबर। राज्य के जल संसाधन एवं पेयजल स्वच्छता मंत्री चन्द्र प्रकाश चौधरी ने केन्द्र सरकार से झारखण्ड राज्य की प्रस्तावित शंख-साउथ कोयल रिभर लिंक एवं साउथ-कोयल सुवर्णरेखा रिभर लिंक से जुड़े हुए तकनीकी विषयों को शीघ्रता पूर्वक समाधान करने और इण्टर स्टेट रिभर लिंक का डीपीआर तैयार करने में उड़ीसा सरकार से सहयोग की अपेक्षा जतायी है। मंत्री श्री चौधरी ने यह बात आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण की 31वीं वार्षिक सामान्य बैठक में कही। केन्द्रीय भूतल, परिवहन एवं जल संसाधन मंत्री नितिन जयराम गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में केन्द्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल व सत्यपाल सिंह सहित देश के विभिन्न राज्यों क ेजल संसाधन मंत्री शामिल हुये। झारखण्ड के जल संसाधन मंत्री ने कहा की इण्टर स्टेट रिभर लिंक के निर्माण के कारण मौजूदा प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में उड़ीसा को सहयोग किया जायेगा ताकि दोनों राज्यों सर्वागीण विकास हो सके उन्होंने राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण से झारखण्ड की प्रस्तावित बराकर-दामोदर-स्वर्णरेखा इण्टर स्टेट रिभर लिंक का भी डीपीआर बनाने और इस इण्टर स्टेट रिभर लिंक से बाढ़ अवधि में बराकर नदी में उपलब्ध जल को सुवर्णरेखा बेसिन में स्थानांतरण करने पर जोर दिया और कहां की ऐसा होने से ही पश्चिम बंगाल को दामोदर नदी से बाढ़ से होने वाली क्षति को कम किया जा सकेगा और इससे संबंधित डीपीआर बनाने में झारखण्ड सरकार पश्चिम बंगाल सरकार को सहयोग करेगी। उन्होंने कहा की दामोदर बेसिम में बढ़ते हुये जल की मांग को ध्यान में रखते हुये जल की आपसी बटवारे को लेकर पूर्व में दोनो राज्यो के बीच हुयी बैठक में सहमती बन चुकी है। अब इसके सार्थक पहल की आवश्कता है। इस बात पर उन्होंने खुशी जाहिर की कि झारखण्ड देश् का पहला राज्य है, जिसने अपने पहल एवं देश के सभी राज्यों समन्वित सहयोग से राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण को राष्ट्र हित में संशोधित करने का गौरव प्राप्त किया है। साथ ही इस बात से अवगत कराया की बराकर-दामोदर-सुवर्णरेखा रिभर लिंक, शंख-साउथ कोयल रिभर लिंक और साउथ कोयल-सुवर्णरेख रिभर लिंक की प्री भिजिबिलीटी प्रतिवेदन व डीपीआर तैयार करने की दिशा में अबतक बराकर-दामोदर-सुवर्णरेखा रिभर लिंक, शंख-साउथ कोयल रिभर लिंक और साउथ कोयल-सुवर्णरेख रिभर लिंक की प्री भिजिबिलीटी की प्रतिवेदन उपलब्ध करायी गयी है। उन्होंने कहा की शंख-साउथ कोयल एवं साउथ -कोयल स्वर्णरेखा रिभर लिंक का उड़ीसा राज्य के डाउन स्ट्रीम में पड़ने वाले प्रभाव का अध्यन कर चार महीने में बनायी गयी रिपोर्ट को सब कमिटि में प्रस्तुत करना था और सब कमिटि की बैठक में यह तय हुआ था कि डीपीआर तैयार करने के पहले एन आइ एच रुड़की से हाईड्रोलोजिकल अध्यन करा ली जाय मगर इससे संबंधित डाटा झारखण्ड के द्वारा उपलब्ध करा दिये जाने के बावजूद भी अब तक इसमें कोई प्रगति नहीं हो सकी है।

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