आत्महत्या करने वाले किसी किसानों के परिजन से नहीं मिलें कृषि मंत्री

कहा- अधिकारी मृतक किसानों के आश्रितों से मिलें, पहुंचायी सहायता
रांची,13सितंबर। झारखंड में पिछले दो-तीन महीने में कर्ज में डूबे सात किसानों ने आत्महत्या कर ली, लेकिन राज्य के कृषि मंत्री रणधीर सिंह किसी मृतक किसानों के परिजनों और आश्रितों से मिलने उनके घर नहीं गये। 1000 दिनों के कार्यकाल की उपलब्धियों पर जब पत्रकारों ने कृषि मंत्री से इस संबंध में सवाल पूछे, तो रणधीर सिंह ने बताया कि वे आत्महत्या करने वाले किसी किसान के परिजनों से मिलने नहीं जा सके, लेकिन विभाग के अधिकारी प्रभावित परिवार से मिलने गये और उन्हें समुचित सहायता उपलब्ध करायी गयी। वे आज रांची के सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। वहीं राज्य सरकार की ओर से किसानों की कर्जमाफी की संभावना से इंकार किया गया है।
कृषि मंत्री ने बताया कि एसएलबीसी की बैठक में राज्य सरकार की ओर से सभी बैंकों को यह निर्देश दिया गया है कि वे किसानों से जबरन ऋण की वसूली न करें। उन्होंने बताया कि अब तक किसानों के आत्महत्या के जो भी मामले सामने आये है, उन मामलों में प्राप्त रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि किसी भी मामले में ऋण वसूली की नोटिस के कारण किसान ने आत्महत्या नहीं की।
कृषि विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने बताया कि अब तक राज्य में सात किसानों के आत्महत्या की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि झारखंड की 75 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है, चार में से तीन लोग किसान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी जवाबदेही से भागना नहीं चाहती, कृषकों का विकास और उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की मूल जवाबदेही है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों के लिए तीन बड़े कदम उठाये है। इसके तहत किसानों को एक प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। जबकि किसानों के लिए एक हेल्पलाइन की भी व्यवस्था की गयी है और किसान राहत कोष की स्थापना की गयी है। इस राहत कोष की स्थापना उद्देश्य किसानों को समय रहते हरसंभव आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि किसानों को आसानी से ऋण मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से सहकारिता बैंक के 138 शाखाएं खोले जाने को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक से अनुमति मांगी गयी है और अनुमति प्राप्त होने के बाद राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच में वृद्धि होगी और किसानों को महाजनों से ऋण लेने की जरुरत नहीं पड़ेगी। कृषि सचिव ने किसानों की कर्जमाफी की संभावना से इंकार किया है।

 

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