रेलवे झारखंड में वर्ष 2017-18 में 3850करोड़ निवेश करेगाःपीयूष गोयल

झारखंड माईनिंग शो प्रारंभ, पहले दिन दो एमओयू
रांची,30अक्टूबर। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि रेलवे वित्तीय वर्ष 2017-18 में झारखंड में 3850करोड़ रुपये का निवेश करेगा। वे आज रांची में पहली बार आयोजित झारखंड माईनिंग शो 2017 के उदघाटन समारोह को मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित कर रहे थे।
रेलमंत्री ने बताया कि तीन वर्षां के एनडीए शासनकाल में झारखंड में रेल परियोजनाओं में निवेश बढ़ा है। वर्ष 2009 से 14 के दौरान झारखंड में रेल परियोजनाओं में औसतन प्रतिवर्ष 830करोड़ रुपये निवेश हो रहा था, जो अब बढ़कर चार गुणा हो गया है और 2017-18 में झारखंड में 3500करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में कुल खनन उत्पादन में झारखंड का हिस्सा लगभग 9 प्रतिशत है, यहां कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइड, यूरेनियम, सोना समेत अन्य खनिजों का खनन हो रहा है। उन्होंने बताया कि झारखंड में रेल परियोजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों की ओर से उन्हें बताया कि कई रेल परियोजनाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में है,इसलिए काम में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि रेलवे 24 घंटे काम करें, राज्य सरकार पूरी तरह से सुरक्षा मुहैया कराएगी और काम में कोई बाधा नहीं उत्पन्न होने देगी। उन्होंने बताया कि कोल इंडिया से सीएसआर के तहत रांची में देश के पहले स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की शुरुआत की, अभी 178बच्चे यहां पढ़ाई कर रहे है, वर्ष 2022 तक इस स्कूल में 1400 बच्चों के नामांकन कराने की योजना थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 तक नहीं,बल्कि अगले वर्ष ही 1400 बच्चों का नामांकन इस स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में किया जाएगा, जिसमें से 700 बच्चे झारखंड से होंगे, शेष 700 बच्चे देशभर के दूसरे राज्यों से आएंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को शुद्धपेयजल उपलब्ध कराने की योजना बनायी है, इसके लिए आज कोल इंडिया के साथ एमओयू किया गया है, जिसके तहत खनन के बाद बंद पड़े खाली खदानों में भरे पानी का उपयोग सिंचाई और ट्रिटमेंट के बाद पेयजल में किया जा सकेगा।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यां की प्रशंसा करते हुए उनकी पहचान झारखंड के एक लोकप्रिय नेता के रुप में बनी है और उनके नेतृत्व में झारखंड में विकास के एक नये चैप्टर की शुरुआत हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में डीटीएमएफ का सबसे बेहतर तरीके से उपयोग किया जा रहा है और राज्य सरकार पारदर्शी तरीके से इस कोष का उपयोग कर खनन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों के विकास में जुटी है।

इस मौके पर कोयला खनन क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए झारखंड सरकार और कोल इंडिया मुख्यालय के बीच एमओयू साइन किया गया,वहीं राज्य में नये खनन क्षेत्रों के अन्वेषण के लिए भी एमईसीएम के साथ एमओयू हुआ। एमईसीएल नए खनिज और माइनिंग ब्लॉकों की खोज करेगा।

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