विवि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व कौशल विकास पाठ्यक्र्रमों को बढ़ावा दें-राज्यपाल

रांची विवि का 31वां दीक्षांत समारोह
रांची,13रांची। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि विश्वद्य्नालय वैश्विक स्तर पर बदलते स्वरुप के अनुसार गुणवत्ता और कौशल विकास पाठ्यक्र्रमों को बढ़ावा दे। राज्यपाल आज रांची विश्वविद्य्नालय के 31वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित कर रही थी।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा उद्देश्य सिर्फ उपाधि प्राप्त करना नहीं है, धार्मिक ग्रंथों में भी कहा गया है कि विद्य्ना से विनयशीलता आती है और विनयशिलता से पात्रता आती है, पात्रता से धन प्राप्ति होती है, धन प्राप्ति से लोगों को सुख प्राप्त होता है। इसलिए शिक्षा सुख प्राप्ति का महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, शिक्षा का उद्देश्य मानववाद, सहिष्णुता और सबके कल्याण पर केंद्रित होना चाहिए।द्रौपदी मुर्मू ने रांची विश्वविद्य्नालय को झारखंड का सबसे पुराना विश्वविद्य्नालय बताते हुए कहा कि इसने देश को कई शिक्षाविद, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के भविष्य को संवारने का काम किया है और यहां से पढ़ कर निकलने वाले छात्र-छात्राओं ने देश-विदेश में रांची विश्वविद्य्नालय के नाम को रौशन करने का काम किया है।
इस अवसर पर रांची विश्वविद्य्नालय के कुलपति डॉ. रमेश कुमार पांडेय ने छात्र-छात्राएं समाज को आगे ले जाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि विद्य्नार्थी डिग्री प्राप्त करने के साथ-सथ सामाज के विकास में भी अपनी सहभागिता निभाएं।
रांची के मोरहाबादी स्थित दीक्षांत मंडप में रांची विश्वविद्य्नालय के 31वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2016-17 मे ंउर्त्तीण विद्य्नार्थियों के बीच डिग्रियां प्रदान किया। समारोह में 53 टॉपरों को राज्यपाल ने गोल्ड मेडल भी दिया,जिसमें से 37 छात्राएं शामिल थीं। आज जिन 53 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया, उसमें 37 छात्राएं थी और छह मेमोरियल गोल्ड मेडल है। इस मेडल को प्राप्त करने वाले सभी विद्य्नार्थी को दस-दस हजार रुपये भी दिये गये। इस दौरान कुल 25488 डिग्रियां वितरित की गयी। जिसमें पीएचडी के लिए 198 डिग्री वितरित की गयी। सबसे अधिक स्नातक पाठ्यक्रम के लिए करीब 13400 डिग्रियां बांटी गयी।

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