रवींद्र राय पारा शिक्षको के स्थायी समाधान का मामला लोकसभा में उठाया

झारखण्ड के अन्य सांसदो ने किया सदन में समर्थन
रांची,29दिसंबर। कोड़रमा सांसद डॉ0 रवीन्द्र कुमार राय ने लोकसभा में आज शून्यकाल के दौरान सर्वशिक्षा अभियान अन्तगर्त नियुक्त किए गए शिक्षको के स्थायी समाधान का मामला उठाया । डॉ0 राय ने अपने भाषण में कहा कि अशिक्षा तथा निरक्षरता एक अभिशाप है तथा समाज एवं देश के लिए कलंक है । भारत सरकार ने इस कलंक को देश से समाप्त करने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के रुप में मा0 अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में डॉ0 मुरली मनोहर जोशी जी ने ऐतिहासिक शुरुआत की थी और देष में लाखो शिक्षको की नियुक्ति हुई थी । इसके लिए भारत के संविधान में वर्ष 2001 में संशोधन किया गया था तथा शिक्षा को मौलिक अधिकार के रुप में परिवर्तन किया गया ।
सीमीत संसाधनो में समयबद्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए नियमित शिक्षको से कम मानदेय पर नियुक्ति देकर पारा षिक्षक बहाल किये गये । झारखण्ड राज्य में भी लगभग 55 हजार षिक्षको की सर्व शिक्षा अभियान अन्तगर्त नियुक्ति हुई । पारा षिक्षक विगत 17 वर्षो से शिक्षादाता के रुप में तपस्या कर रहे है जिन्हें अत्यन्त ही अल्प मानदेय मिलता है साथ ही 17 वर्ष बाद भी उनका भविष्य अनिष्चिता के दौर से गुजर रहा है । यह ठीक नही है कि शिक्षक को हडताल करना पडे़ यह स्वस्थ समाज व्यवस्था के लिए उचित नही है । कुछ प्रदेश में उन्हें स्थायीकरण किया गया है जैसे मध्यप्रदेश, छतीसगढ़ प्रशंसा के पात्र है । अर्थाभाव में झारखण्ड में यह समस्या दर्दनाक हो गया है केन्द्र सरकार की योजना में उत्पन्न षिक्षको की भारत सरकार सुध ले और जिन राज्यो में ऐसे शिक्षक बदहाल अवस्था में है उनके समस्या का समाधान राज्य सरकारो के साथ बैठ कर सेवा स्थायीकरण एवं समान वेतन के आधार पर पहल करें । डॉ0 रवीन्द्र राय ने लोकसभा में केन्द्र सरकार से मांग की है कि भारत सरकार की योजना में जन्म लिए गए ये षिक्षक है, उनके सुरक्षित भविष्य की और ले जाने के लिए भारत सरकार पहल करें । शिक्षक अब बाल बच्चेदार हो गए है । भारत सरकार राज्यो के साथ मिलकर उनके स्थायीकरण के लिए पहल करें ये मेरी केन्द्र सरकार से मांग है ।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *