चारा घोटाले मामले में लालू प्रसाद सातवीं बार जेल

पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर चारा घोटाले की जांच तेज हुई
रांची,6जनवरी। बहुचर्चित चारा घोटाले के एक अन्य मामले में आज राजद प्रमुख लालू प्रसाद समेत अन्य  दोषियों को सजा सुनायी गयी। इस घोटाले का रहस्योघाटन पश्चिमी सिंहभूम जिले के तत्कालीन उपायुक्त अमित खरे ने 27 जनवरी 1996 को किया था। चारा घोटाले से जुड़े विभिन्न मामलों में राजद प्रमुख लालू प्रसाद को सात बार जेल जाना पड़ा है। सबसे पहले 30 जुलाई 1997 को लालू जेल गये और 135दिन बार बाहर आये, दूसरी बार 28 अक्टूबर 1998 को 73 दिनों के लिए, पांच अप्रैल 2000 को 11दिनों के लिए तीसरी, 28 नवंबर 2000 को 1 दिन के लिए चौथी बार, 26नवंबर को 23 दिनों के लिए पांचवीं बार, 3 अक्टूबर 2014 को 70 दिनों के लिए छठी बार और 23 दिसंबर 2017 से अब तक सातवीं बार उन्हें जेल जाना पड़ा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 11 मार्च को  पटना उच्च न्यायालय ने सीबीआई को चार माह के अंदर चारा घोटाले की जांच करने का निर्देश दिया। 19 मार्च को उच्चतम न्यायालय ने पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एस. एन. झा और एस. जे. मुखोपाध्याय की खंडपीठ को सीबीआई जांच की निगरानी करने का निर्देश दिया। इसके बाद सीबीआई की जांच शुरू हुई।
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