बजट सत्र के हंगामेदार होने की संभावना

वर्ष 2017 में सत्र की कार्यवाही पूरी तरह से रही थी बाधित
रांची,16जनवरी। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र बुधवार 17जनवरी से शुरु हो रहा है। बजट सत्र के हंगामेदार होने की संभावना है। पक्ष-विपक्ष की ओर से बजट सत्र को लेकर सारी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गयी है। पिछले वर्ष बजट सत्र, मॉनसून सत्र और शीतकालीन सत्र की कार्यवाही लगभग पूरी तरह से बाधित रही थी, जिसके कारण जन मुद्दों पर सदन में पूरी तरह से चर्चा नहीं हो सकी, इस बार सदन की कार्यवाही सुचारु रुप से चलेगी या नहीं, इसका जवाब कल शुरु होने वाले पक्ष-विपक्ष के रवैये से मिल पाएगा।
सात फरवरी तक चलने वाले बजट सत्र में इस बार 15बैठकें होगी। राज्य सरकार अगले वित्त वर्ष का बजट 23 जनवरी को पेश करेगी। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू का सत्र के पहले दिन अभिभाषण होगा, वहीं 23 जनवरी को आगामी वित्त वर्ष का वार्षिक बजट पेश करने से पहले राज्य सरकार चालू वित्तीय वर्ष के लिए तृतीय अनुपूरक बजट को भी सदन में पेश करेगी। वहीं अनुदान मांगों पर चर्चा के लिए छह दिनों का समय मिलेगा। इस सत्र में कई विधेयकों को भी पेश किये जाने की संभावना है। सरकार की ओर से पेश किये जाने वाले विधेयकों की सूची को 30 जनवरी तक सभा सचिवालय को उपलब्ध करा देने का निर्देश दिया गया है।
विपक्षी दलों की ओर से सत्र के दौरान सरकार को घेरने की तैयारी पूरी कर ली गयी है, वहीं सत्तापक्ष भी सदन के अंदर उठने वाले हर सवालों का जवाब तैयार कर लिया है। चारा घोटाले मामले में सीबीआई की ओर से 22 बार मुख्य सचिव राजबाला वर्मा को नोटिस देने, मोमेंटम झारखंड , खनन एवं पथ निर्माण विभाग की कथित अनियमितता समेत अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार को कठघरे में खड़ा करने की रणनीति बनायी है, वहीं बकोरिया मुठभेड़ कांड समेत पुलिस हिरासत में कई लोगों की मौत के मामले में पुलिस महानिदेशक डी0के0 पांडेय को भी पद से हटाने की मांग विपक्ष की ओर से की जा रही है। इसके अलावा कानून व्यवस्था की स्थिति, जन समस्याओं और सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ भी विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की योजना बनायी है।

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