वर्ल्ड एग्रीकल्चर समिट का होगा आयोजन-सीएम

केन्द्र से प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत मिलेगें 600 करोड़ रूपये
रांची,5फरवरी। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि  सरकार की प्राथमिकता है कि समाज को जोड़ो और विकास करो।  राज्य का बजट और देष का बजट किसानों को समर्पित है। इस वर्ष प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत झारखण्ड को केन्द्र से 600 करोड़ रूपये मिलेंगे। लगभग हर जिले के लिए 30 करोड़ रूपये सिंचाई के लिए उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय जलसंसाधन मंत्री  नितिन गड़करी के प्रति अभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री आज बतौर मुख्य अतिथि बिरसा कृषि विष्वविद्यालय में एग्रोटेक 2018 किसान मेला के समापन्न समारोह के अवसर पर किसानों, कृषि वैज्ञानिकों एवं छात्र-छात्राओं को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि झारखण्ड में इस वर्ष विश्व कृषि सम्मेलन का आयोजन होगा। प्रत्येक किसान को खेती, पशु पालन और बागवानी से जोड़ कर 2022 तक उनकी आय दोगुणी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से ही कार्य शक्ति बढ़ती है। उन्होंने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से कहा कि वे किसानों से निरंतर सम्पर्क बनाएं रखें तथा सभी पक्ष आपस में तालमेल बनाकर काम करें जिससे झारखण्ड में कृषि पैदावार बढ़े और हमें राज्य के लिए बाहर से अनाज न मंगाना पड़े। उन्होने कहा कि हमारे किसानों में बड़ी क्षमता है, बस हमें उनका मार्गदर्शन करने की आवश्यकता है। किसान से बड़ा इंजीनियर कोई नहीं होता। उसे अपने खेत, मौसम और संसाधनों का तालमेल कर काम करना होता है। मुख्यमंत्री ने कृषि वैज्ञानिकों से कहा कि देशी गायों को विदेशी नस्लों की गायों से बेहतर बनाने की दिशा में भी शोध करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत सन् 2022 में अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा होगा तब झारखण्ड में कोई भी नागरिक बे-घर, बे-इलाज और बिना शिक्षा नहीं रहेगा और किसानों एवं गांवों का सर्वांगीण विकास होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार खेती के साथ पशुधन के विकास पर भी जोर दे रही है। 25 हजार महिला किसानों को दो-दो गाय दी गई है तथा 15 सौ करोड़ की जोहार योजना के तहत 4 लाख 80 हजार ग्रामीण महिलाओं को हुनरमंद कर पोल्ट्री, डेयरी आदि के माध्यम से एक क्रांति लाने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी किसानों के फसलों का बीमा हो चुका है, वहीं 99 प्रतिशत किसानों के कृषि भूमि हेल्थ कार्ड भी बना लिया गया है। किन्तु कई किसानों के द्वारा यह कहने पर की उन्हें उपलब्ध नहीं हुआ है तो तत्काल मुख्यमंत्री ने कृषि सचिव को निदेश दिया कि सभी जिलों में कैम्प लगाकर कृषि भूमि हेल्थ कार्ड वितरण करें। कृषि सचिव ने मौके पर किसानों को बताया कि रांची के किसानों का आज ही बिरसा कृषि विश्वविद्यालय परिसर में कृषि भूमि हेल्थ कार्ड वितरित किया जाएगा तथा 25 फरवरी तक राज्य के सभी जिलों में वितरण सुनिष्चित कर लिया जाएगा।
 मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे देश के लिए काम करने का संकल्प लेकर अपनी पढ़ाई पूरी करें। उन्होंने कहा कि अधूरे मन से सफलता नहीं मिलती अतः व्यापक उद्देश्य से संकल्पबद्ध होकर पूरे मन से पढ़ाई करें और न्यू झारखण्ड एवं न्यू इण्डिया के निर्माण में अपना योगदान दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के अनुसार सोच को बदलना होगा। कृषि के लिए एमएस स्वामी नाथन के पांच सुझावों मिट्टी, कर्ज, बीमा, फसल उत्पादन के बाद किसानों की स्थिति तथा तकनीक का प्रयोग पर सरकार बिन्दुवार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में तसर के लिए कोकून उत्पादन, नीली क्रांति के तहत मत्स्य पालन, श्वेत क्रांति के तहत डेयरी का विकास, मीठी क्रांति के तहत मधु का उत्पादन, पोल्ट्री के तहत मुर्गी पालन पर समग्रता से कार्य हो रहा है। ये झारखण्ड के नये तकदीर का निर्माण करेगी। किसानों के ऋण के ग्रस्त होने के मामले में उन्होंने कहा कि किसानों के 4 प्रतिशत ब्याज दर में 3 प्रतिशत ब्याज सरकार देगी तथा किसानों को 1प्रतिशत ही ब्याज का भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि हमारे किसान पर हमें नाज है। किसानों की सहायता के लिए किसान सहायता केन्द्र 24 घंटे कार्यरत है। किसी भी तरह की परेशानी होने पर किसान सम्पर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने बिरसा कृषि विश्वविद्यालय परिसर में नये अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त ऑडिटोरियम के निर्माण की घोषणा की। विश्वविद्यालय परिसर की चहारदीवारी के संबंध में उन्होंने कहा कि आस-पास के सभी गांव हमारे विद्यार्थियों को अपने बच्चों की तरह देखेंगे तथा परिसर में किसी भी प्रकार की अवांछनीय घटना पर प्रशासन पूरी कड़ाई से निपटेगा। विकास के लिए बढ़ते कदम को रोकने वाले असमाजिक तत्वों से सरकार कड़ाई से निपटेगी।
इस अवसर पर कांके विधायक डॉ जीतू चरण राम ने अपने सम्बोधन में विश्वविद्यालय को देश का गौरव बताया तथा यहां के विद्यार्थियों के रोजगार के लिए कैम्पस साक्षात्कार शुरू कराने की बात कही। कृषि सचिव  पूजा सिंघल ने गांव और किसान के विकास के लिए किए जा रहे सरकार के प्रयास और कार्यों को विस्तार से बताया। स्वागत सम्बोधन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ परविन्दर कौशल ने किया। इस अवसर पर विशेष सचिव   शुभ्रा वर्मा, निदेशक श्री राजीव कुमार, शिक्षा प्रसार निदेषक डॉ जग्रनाथ उरांव, केन्द्रीय सरना समिति के  फूलचंद तिर्की, रंजीत टोप्पो विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में आए किसान उपस्थित थे।
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