आदिवासी समाज से देशभक्ति का प्रमाण मांगा उचित नहीं -आजसू पार्टी

रांची,24फरवरी। आजसू पार्टी के मुख्य केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने पत्थलगड़ी बनाम सरकार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आदिवासी समाज से आज देशभक्ति का प्रमाणपत्र मांगा जा रहा है। उनके भाषा, संस्.ति, रीती-रिवाज आदि विषयों पर अनावश्यक सवाल उठाए जा रहे हैं। भगवान बिरसा ने जिस सभ्याता-संस्.ति की रक्षा के लिए प्राणों की आहुती दे दी उस संस्.ति पर प्रश्नचिन्ह लगाना उचित नहीं है। भगवान बिरसा के अबुआ दिशुम-अबुआ राज की परिकल्पना को समझना होगा और उनके विरासत को संरक्षित रखते हुए उसके संवर्धन के लिए कार्य करने होंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए कि राज्य की सभ्यता, संस्.ति, पहचान एवं परंपरा को समझे और जन-भावनाओं के अनुरुप जनमानस को विकास की धारा में जोडे़।
आजसू प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक और पारंपरिक व्यवस्थाओं को संरक्षित रखने की आह्वान करती है और इसका कोई गलत उपयोग न करे इसके लिए भी सचेत रहना चाहिए।
संविधान सभा में स्व0 जयपाल सिंह मुण्डा ने कहा था कि झारखण्ड के गांव में संचालित व्यवस्था एक संपूर्ण लोकतांत्रिक व्यवस्था है और यह भारत में लोकतंत्र आने से सदियों पहले से चली आ रही प्रथा है।

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