लालू प्रसाद दोषी करार,जगन्नाथ मिश्र बरी

रांची,19मार्च। बहुचर्चित चारा घोटाले के चौथे मामले में आज राजद प्रमुख लालू प्रसाद समेत अन्य दोषियों को सजा सुनायी गयी। इससे पहले 20 सितम्बर 2013 को रांची में सीबीआ की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के नियमित मामले 20ए/96 में दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनायी गयी थी।
जबकि इसी वर्ष 6 जनवरी को उन्हें देवघर कोषागार से जुड़े आरसी 64ए/96 मामले में साढ़े तीन साल की सजा सुनायी, जबकि चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े एक अन्य आरसी 68ए/96 मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें पांच साल सश्रम कारावास की सजा सुनायी है।
इस घोटाले का रहस्योघाटन पश्चिमी सिंहभूम जिले (चाईबासा )के तत्कालीन उपायुक्त अमित खरे ने 27 जनवरी 1996 को किया था। चारा घोटाले से जुड़े विभिन्न मामलों में राजद प्रमुख लालू प्रसाद को सात बार जेल जाना पड़ा है। सबसे पहले 30 जुला 1997 को लालू जेल गये और 135दिन बार बाहर आये, दूसरी बार 28 अक्टूबर 1998 को 73 दिनों के लिए, पांच अप्रैल 2000 को 11दिनों के लिए तीसरी, 28 नवंबर 2000 को 1 दिन के लिए चौथी बार, 26नवंबर को 23 दिनों के लिए पांचवीं बार, 3 अक्टूबर 2014 को 70 दिनों के लिए छठी बार और 23 दिसंबर 2017 से अब तक सातवीं बार उन्हें जेल जाना पड़ा है और करीब तीन महीने से वे जेल में ही है।

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