देश में पहली बार ओरल वैक्सीन का प्रयोग

सीएम 7 को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर रोटा वाइरस वैक्सील की करेंगे शुरुआत
रांची,3अप्रैल। मुख्यमंत्री रघुवर दास 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर राज्य में रोटा वाइरस वैक्सीन की शुरुआत करेंगे। सरकार के टीकाकरण अभियान में रोटा वाइरस वैक्सीन को पहली बार शामिल किया गया है। केंद्र सरकार की सहायता से अपने टीकाकरण अभियान में रोटा को शामिल करने वाला झारखंड देश का दसवां राज्य बन गया है। ये बातें श्रीमती निधि खरे, प्रधान सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने आज सूचना भवन सभागार में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कही।
श्रीमती खरे ने कहा कि रोटा वायरस 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को डायरिया-दस्त से बचाव के लिये दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि अभी राज्य में 0 से 5 वर्ष तक 40 प्रतिशत बच्चों की मौत डायरिया से हो जाती है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2020 तक डायरिया को नियंत्रित करके इससे होने वाली मौत को प्रति हजार 25 बच्चों तक किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह नये तरह का ओरल वैक्सीन है और यह पूरी तरह सुरक्षित है। इसका कोई साईड इफेक्ट नहीं है। यह वैक्सीन राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, टीकाकरण केन्द्रों में और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर निःशुल्क दिया जायेगा। इसके लिये सभी चिकित्सा पदाधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। शिशुओं को रोटा की पहली खुराक डेढ महीने, दूसरी खुराक ढाई महीने और तीसरी खुराक साढे तीन महीना के होने पर 2.5-2.5 एम0एल0 की खुराक तीन बार दी जायेगी।
निधि खरे ने बताया कि रोटा एक संक्रामक वायरस है जो अच्छी तरह हाथ धोने से भी नहीं जाता है। इसलिये दस्त से बचाव के लिये शिशुओं को रोटा की खुराक देना जरुरी है। राज्य में तीन लाख बच्चे प्रतिवर्ष डायरिया से ग्रस्त होते हैं जिनमें से दस प्रतिशत की मौत हो जाती है। डायरिया से बचाव हेतु माता अपने बच्चों को जन्म के समय से ही स्तनपान कराये। इससे बच्चों में रोगप्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। डायरिया से बचाव के लिये स्वच्छता अभियान से भी जुड़ना जरुरी है।
इस दौरान स्वास्थ्य निदेशालय के निदेशक प्रमुख डॉ सुमन्त मिश्रा समेत चिकित्सक एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।

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